इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, गुणावद तक अर्थवर्क पूरा, आधे हिस्से में बिछाया गया ट्रैक

इंदौर
इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। वहीं गुणावद से धार के बीच अर्थवर्क का काम चल रहा है। रतलाम मंडल द्वारा प्रोजेक्ट के इस हिस्से को मार्च-2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन इस सेक्शन में बन रहे आरओबी निर्माण में हो रही देरी से मई-2025 तक यह सेक्शन ट्रेन संचालन के लिहाज से तैयार हो पाएगा।

उल्लेखनीय है कि साल 2008 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का काम साल 2013 में शुरू हुआ था। वर्तमान में 205 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है। इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट (205 किमी) को इंदौर-टिही (29 किमी), टिही-गुणावद (28 किमी), गुणावद-नौगाव (14 किमी), धार-अमझेरा (20 किमी), अमझेरा-सरदारपुर (20 किमी), सरदारपुर-झाबुआ (60 किमी) अलग-अगल सेक्शन में बांटकर काम किया जा रहा है।

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इंदौर-टिही और दाहोद-कतवारा सेक्शन का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल रेलवे टिही-गुणावद-नौगांव (धार) सेक्शन पर तेजी से काम कर रहा है। इस सेक्शन में नौ आरओबी बनने हैं। वर्तमान में टिही के पास टनल का काम तकरीबन पूरा होने को है। टिही से गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हो चुका है। करीब 60 फीसदी हिस्से में पटरी भी बिछाई जा चुकी है।

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मार्च 2025 तक ट्रेन चलाने का लक्ष्य
गुणावद रेलवे स्टेशन, यार्ड आदि का काम भी शुरू हो चुका है। वहीं गुणावद से नौगांव के बीच अर्थवर्क का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। रतलाम मंडल ने पूर्व में इंदौर-नौगांव के बीच मार्च-2025 तक ट्रेन संचालन का लक्ष्य रखा था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते यह काम मई-2025 तक पूरा होगा। इधर दाहोद के पास कतवारा से झाबुआ के बीच भी पटरी बिछाने का काम हो रहा है।

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पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करना है
इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी अंचल को रेल सेवाओं से जोड़ेगा। इस लिहाज से यह परियोजना रेलवे के साथ गुजरात और मप्र राज्य के लिए भी काफी अहम है। इसलिए इसे अलग-अलग हिस्सों में बांटकर काम किया जा रहा है। परियोजना में सागौर, गुणावद, नौगांव, झाबुआ, पिटोल में नए रेलवे स्टेशन भवन, प्लेटफार्म आदि का निर्माण शुरू कर दिया है। पूरी परियोजना को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

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