चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा- महिंद्रा एंड महिंद्रा दुनिया की 11वीं सबसे मूल्यवान ऑटोमोबाइल कंपनी बनी

मुंबई
महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने बुधवार को कहा कि कंपनी दुनिया की 11वीं सबसे मूल्यवान ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी बन गई है और इसने कई प्रतिस्पर्धियों और पूर्व टेक्नोलॉजी सहयोगियों को पीछे छोड़ दिया है। महिंद्रा समूह के कर्मचारियों को नववर्ष के अवसर पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2002 से निफ्टी 50 का हिस्सा रहीं कंपनियों में एमएंडएम के शेयर में मूल्य वृद्धि दर अब तक सबसे अधिक रही है और पिछले वर्ष ही इसने निवेशकों को 77 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।

ये भी पढ़ें :  ₹119000 करोड़ की डिफेंस डील: 220 एडवांस फाइटर जेट, जो पहले नहीं थे बिकने लायक, अब बने सिकंदर

आनंद महिंद्रा ने लिखा कि "हम लगातार चौथे साल डॉव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स में शामिल हुए हैं। वर्ल्ड इंडेक्स में सबसे ऊंची रैंकिंग पाने वाले ऑटोमोटिव ओईएम है।" अन्य कारोबारों में सबसे बेहतर बात यह है कि महिंद्रा सस्टेन ने अपनी योजना से अधिक आगे का लक्ष्य हासिल किया है। इसकी संचयी प्रोजेक्ट पाइपलाइन 3.3 जीडब्ल्यूपी की हो गई है, जो इसकी टारगेट क्षमता से 60 प्रतिशत अधिक थी।

महिंद्रा और महिंद्रा के चेयरमैन ने कहा कि भारतीय तिपहिया वाहनों के इलेक्ट्रिफिकेशन में हम लीडरशीप पॉजिशन में है। महिंद्रा फाइनेंस की लोन बुक बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि भारत अपनी रक्षा करने से कहीं अधिक करने की स्थिति में है।

ये भी पढ़ें :  दिल्ली जा रही गरीब रथ ट्रेन में भीषण आग, यात्रियों में मची अफरातफरी

महिंद्रा के अनुसार, भारत अब समुद्र तट पर 99 पाउंड का हल्का वजन वाला देश नहीं रह गया है। यह सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर सकता है। देश राजनीतिक रूप से स्थिर है, जो इसके मजबूत लोकतंत्र पर आधारित है और यह केंद्रीय चुनावों में पूरी तरह से प्रदर्शित हुआ, जब एक अरब से अधिक लोगों के देश ने निर्बाध, शांतिपूर्ण और प्रभावी ढंग से मतदान किया। आनंद महिंद्रा ने कर्मचारियों से कहा, "हम कई अन्य देशों की तुलना में अस्थिर वैश्विक स्थितियों से कम प्रभावित होंगे। ऐसी स्थिति में हमारे समूह के पास घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के विकास के अवसरों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।"

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment