550 करोड़ की लागत से प्रयागराज एयरपोर्ट से संगम नगरी तक 16 KM लंबा वीवीआईपी कॉरिडोर तैयार…

 प्रयागराज

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुंभ मेला 2025 की तैयारियों के तहत शहर का स्वरूप पूरी तरह बदल रहा है. संगम नगरी को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 16 किलोमीटर लंबा और 550 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा VVIP कॉरिडोर लगभग तैयार हो चुका है. लोगों का कहना है कि यह कॉरिडोर न केवल यातायात को सुगम बना रहा है, बल्कि शहर की सुंदरता से भी ध्यान खींच रहा है.

बता दें कि संगम की रेती पर कुंभ मेला की शुरुआत से पहले सज रही नगरी में प्रयागराज एयरपोर्ट (Prayagraj Airport) से संगम तक 16 किलोमीटर लंबा वीवीआईपी कॉरिडोर (VVIP Corridor) बनाया गया है. इस वीवीआईपी कॉरिडोर को बनाने में 550 करोड़ रुपये की लागत आई है.

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वीवीआईपी कॉरिडोर में पड़ने वाले चौराहों पर नटराज, नंदी, ऋषि-मुनियों की कलाकृतियां लगाई गई हैं. वहीं प्रयागराज एयरपोर्ट से आधा किलोमीटर आगे 84 विशेष स्तंभ लगाए गए हैं, जो चौरासी स्तंभ सृष्टि के सार का प्रतीक हैं.

सनातन परंपरा में 84 लाख योनियां बताई गई हैं, यहां 84 स्तंभ उन्हीं के प्रतीक हैं. लाल पत्थर से तैयार किए जा रहे खंभों पर भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी अंकित किए गए हैं. सड़कों के किनारे पौधे लगाए गए हैं, जिनमें फूलों के भी पौधे शामिल हैं.

यहां आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि एक समय इस सड़क से गुजरने से डर लगता था, क्योंकि यहां सन्नाट पसरा रहता था, लेकिन एयरपोर्ट से जुड़ने के बाद इस सड़क का महत्व तो बढ़ा ही, साथ ही आवागमन भी तेज हो गया. वहीं दूसरी ओर सुंदरीकरण से सड़क का कायाकल्प हो गया.

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84 विशेष स्तंभ भी लगाए गए हैं 
प्रयागराज एयरपोर्ट से आधा किलोमीटर आगे 84 विशेष स्तंभ लगाए गए हैं. ये चौरासी स्तंभ सृष्टि के सार का प्रतीक है. सनातन परंपरा में 84 लाख योनियां होती हैं, 84 स्तंभ 84 लाख योनियों का प्रतीक हैं. लाल पत्थर से तैयार किए जा रहे इन खंभों पर भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी अंकित किए गए हैं. यही नहीं सड़कों के किनारे पेड़-पौधे भी लगाए गए हैं, जिसमें फूलों के भी पौधे भी शामिल हैं. जिसकी वजह से सड़क की खूबसूरती बढ़ गई है.

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कभी इस सड़क पर सन्नाटा पसरा रहता था  
आपको बता दें, एक समय था इस सड़क से लोग गुजरने से डरते थे, क्योंकि इन सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता था. लेकिन एयरपोर्ट पर जाने के बाद इस सड़क का महत्व तो बढ़ा ही साथ ही सड़क पर आवागमन भी तेज हो गया. वहीं दूसरी ओर सुंदरीकरण से इस सड़क का कायाकल्प भी हो गया. हर कोई इस सड़क से गुजरने वाला अब इस काम की जमकर तारीफ कर रहा है.

 

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