रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव शहडोल में पहुंची उमरिया जिले की स्व-सहायता समूह की महिलाएं

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव शहडोल में पहुंची उमरिया जिले की स्व-सहायता समूह की महिलाएं

समूह की महिलाओं की कहानी उनकी जुबानी
सरकार की सहायता मिलने से समूह की महिलाएं बेहद खुश
अब पशुपालन से दूध और उससे बने उत्पाद से जुड़ने की तैयारी में

भोपाल

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव शहडोल में उमरिया जिले के बांधवगढ़ कृषि वनोपज उत्पादक कंपनी लिमिटेड करकेली ब्लॉक के ग्राम चंदवार की महिलाएं महुआ के लड्डू बनाकर बेच रहीं है और अच्छी आय अर्जित कर रही है। समूह की अध्यक्ष पूनम तिवारी बताती है कि महुआ के लड्डू की बहुत डिमान्ड है और यह स्वास्थ्य वर्धक भी है। ठंड के दिनो में लोग इन लड्डुओं उपयोग करते है और यह प्राकृतिक तरीके से तैयार किये जाते है।

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समूह की अध्यक्ष पूनम तिवारी ने बताया कि महुआ के आटे को भूंजकर इसमें तिलि, काजू, बादाम, मूंगफली और खजूर के पाऊडर का उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया समूह की महिलाएं इस कार्य में अच्छी आय होने से बेहद खुश है और सरकार को धन्यवाद दे रही है।

समूह की अध्यक्ष पूनम तिवारी कहती है हमारी समूह की दीदीयां बिरसा मुण्डा संकुल की ग्राम कौहका की 15 दीदी उड़द दाल की बड़ी का उत्पादन कर रही है, वे कहती है कि अभी तक हमने 50 किलो का यहां पर लड्डू और इतनी ही मात्रा में बड़ी का विक्रय किया है। हम लोग एफपीओ से जुड़कर 200 दीदियां पशुपालन से दूध और उससे बने उत्पाद से जुड़ने की तैयारी में है, हमें आजीविका मिशन का भरपूर सहयोग मिल रहा है। वे सरकार की नितियों और मिलने वाली सहायता से बेहद उत्साहित भी है।

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