सीएम ने गायत्री-गणेश मंदिर फ्लाईओवर का नाम अंबेडकर के नाम पर करने की घोषणा की

भोपाल

भोपाल के सबसे लंबे GG (गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक) फ्लाईओवर से ट्रैफिक की शुरुआत आज गुरुवार से हो गई है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने ब्रिज का उद्घाटन किया। सीएम ने ब्रिज का नाम अंबेडकर के नाम पर करने की घोषणा की है।

दो साल देरी से बनकर तैयार हुआ ब्रिज

आपको बता दें कि, भोपाल का सबसे लंबा फ्लाईओवर है, जो 2734 मीटर का है। करीब दो साल देरी से बनकर तैयार हुए इस फ्लाईओवर के लोकार्पण की अबतक 8 बार तारीखें बदली जा चुकी हैं। इसके लोकार्पण के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तक का नाम सामने आ चुका है, लेकिन अब आज ब्रिज का लोकार्पण सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया और इसे  आमजन के लिए खोल दिया ।

200 मीटर की थर्ड लेग फ्लाईओवर दो हिस्सों में बना है। इसमें 2534 मीटर की मुख्य लेन है, जबकि 200 मीटर का थर्ड लेग है। थर्ड लेग यानी गायत्री मंदिर के पास का आखिरी छोर, जहां से फ्लाईओवर का ट्रैफिक दो भागों में बंटेगा। यहां काम पूरा हो गया है। लाइट की टेस्टिंग हो चुकी है। वहीं, ब्रिज का रंगरोगन भी किया जा चुका है।

ये भी पढ़ें :  सीएम धामी का बड़ा एक्शन: 550 हरी-नीली चादर वाली मजारें हटाई गईं, वीडियो शेयर कर बताया पूरा सच

लोड, लाइटिंग टेस्ट पहले ही पूरे पीडब्ल्यूडी के अफसरों के मुताबिक, गणेश मंदिर से वल्लभ भवन चौराहा की ओर आने वाली पहली और दूसरी आर्म का काम 10 दिन पहले ही पूरा हो चुका है। इस रूट पर लोड टेस्ट भी हो चुका है। फिर भी ट्रैफिक का संचालन शुरू होने पर लोगों को कोई परेशानी न आए, इसलिए यहां कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। मैनिट के एक्सपर्ट्स से मिली सलाह के बाद पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने ये बदलाव किए हैं।

ये भी पढ़ें :  भाषाई बंधन से प्रतिभा नहीं होगी बाधित, चिकित्सा शिक्षा में हिंदी छात्रों को विशेष प्रोत्साहन : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

अंबेडकर ब्रिज के उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम ने की ये घोषणाएं...

    सीएम ने फ्लाईओवर का नाम डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ब्रिज रखने की घोषणा की।
    भोपाल में बावड़ियाकला में 180 करोड़ से फ्लाईओवर बनाने की घोषणा की।
    भोपाल, रायसेन, विदिशा और सीहोर को जोड़कर राजधानी की वृहद योजना ला रहे हैं।
    एमपी में पुल, पुलिया और सड़कों के लिए गुजरात मॉडल लागू करेंगे।

ये होगा फायदा

इस फ्लाईओवर से करीब 60 फीसदी ट्रैफिक गणेश मंदिर के पास उतर जाएगा। सिर्फ एमपी नगर, ज्योति टॉकीज चौराहा, बोर्ड ऑफिस चौराहा या व्यापमं चौराहा से होकर अपने मुकाम पर जाने वाले वाहन चालक ही फ्लाईओवर पर नहीं जाएंगे। इससे फायदा ये होगा कि इन चारों स्पॉट पर ट्रैफिक जाम नही होगा और एमपी नगर जाने वाली सड़क का 60 फीसदी ट्रैफिक जीजी फ्लायओवर से होकर गुजर जाएगा। इसका बड़ा फायदा ये होगा कि जहां अब तक अरेरा हिल्स से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में 15 से 20 मिनट लगते थे, वहीं इस ब्रिज से गुजरने के बाद सिर्फ 5 मिनट लगेंगे।
8 बार बदली लोकार्पण की तारीख

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर राजस्थान, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ राज्य को बाघ देने की स्वीकृति जारी

बता दें कि, एमपी नगर के गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर के बीच बनाया गया जीजी फ्लायओवर 148 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है। इसका निर्माण कार्य 20 दिसंबर 2020 को शुरु हुआ था। जिसे दिसंबर 2022 तक पूरा होना था, लेकिन कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के चलते इसके निर्माण में 4 महीने का एक्सटेंशन दिया गया। इसके बाद कई बार टलते हुए करीब 8 बार इसके लोकार्पण की तारीख सामने आई। हालांकि, 4 साल बाद अब इसका लोकार्पण हो ही गया।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment