आशा सुपरवाइजर ने सिविल अस्पताल लांजी के तत्कालीन बीएमओ प्रदीप गेडाम पर दुष्कर्म का आरोप लगाया

बालाघाट
लांजी थाना क्षेत्र की एक आशा सुपरवाइजर ने सिविल अस्पताल लांजी के तत्कालीन बीएमओ प्रदीप गेडाम पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। लांजी थाना में उसकी शिकायत पर पुलिस ने गुरुवार की देर रात प्रकरण दर्ज कर लिया है। पीड़ित का आरोप है कि बीएमओ लगातार आठ वर्ष से शादी का झांसा देकर और उसके बेटे को नौकरी दिलाने की बात कहकर दुष्कर्म कर रहा था। पीड़िता की शिकायत पर महिला पुलिस की मौजूदगी में बयान दर्ज कर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपित बीएमओ प्रदीप गेडाम की तलाश में जुट गई है।
 
नौकरी से निकाल देने की धमकी देकर दुष्कर्म का आरोप
महिला ने पुलिस को बताया कि स्वास्थ्य विभाग में वह 2007 से पदस्थ है। उसके दो बेटे हैं, पति की मौत 2013 में ही हो चुकी है। बीएमओ ने पहले नौकरी से निकाल देने की बात कही और फिर शादी करने व उसके बेटे को नौकरी लगाने तथा मकान बनाने की बात कहते हुए 20 सितंबर 2016 से 2024 तक कई बार दुष्कर्म किया गया है।

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चौथी बार में हुई एफआइआर दर्ज
पीड़िता का आरोप है कि पहली बार उसने माह जुलाई 2024 में लांजी थाना में शिकायत की थी, लेकिन उस समय मामले को रफादफा कर दिया गया था। इसके बाद बालाघाट के महिला पुलिस थाना व पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।

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इससे उसने परेशान होकर हाईकोर्ट जबलपुर से एफआइआर दर्ज कराने का आदेश के लिए दरवाजा खटखटाया था। आरोपित को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। इस संबंध में तत्कालीन बीएमओ डा. प्रदीप गेडाम से फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद है। आशा सुपरइवाइजर की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन बीएमओ डा. प्रदीप गेड़ाम के विरूद्ध दुष्कर्म करने का अपराध दर्ज किया है। मामले में विवेचना की जा रही है।

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