लाड़ली बहना योजना ने बदली मंजू यादव की जिंदगी, सिलाई सेंटर खोलकर बनीं आत्मनिर्भर

भोपाल 

कभी सीमित आय और जिम्मेदारियों के बीच अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देखने वाली नर्मदापुरम की मती मंजू यादव आज आत्मनिर्भरता की नई पहचान बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से मिली आर्थिक सहायता ने न केवल उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाई, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया।

नर्मदापुरम जिले के वार्ड क्रमांक 31 दीवान चौक ग्वालटोली निवासी 30 वर्षीय मती मंजू यादव को जून 2023 से योजना के अंतर्गत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। इस राशि का उन्होंने सोच-समझकर उपयोग किया और अपने घर से सिलाई का छोटा-सा काम शुरू किया। मेहनत और लगन से शुरू किया गया यह प्रयास धीरे-धीरे एक सफल व्यवसाय में बदलने लगा।

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फरवरी 2026 तक उन्हें योजना की 33वीं किश्त सहित कुल 43 हजार 500 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। इस आर्थिक सहयोग और सिलाई कार्य से हुए मुनाफे का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपने काम का विस्तार किया और एक सिलाई सेंटर शुरू कर दिया, जिसमें अब पांच सिलाई मशीनें संचालित हो रही हैं।

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आज मंजू यादव न केवल स्वयं नियमित आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अपने सिलाई सेंटर के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार का अवसर प्रदान कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता की नई राह खुली है।

मती मंजू यादव भावुक होकर कहती हैं कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने उनके जीवन में नया विश्वास जगाया है। इस योजना ने उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया और आज वे गर्व के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे रही हैं।

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