तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित इस आईटी कंपनी ने कर्मचारियों को किया मालामाल, स्टाफ को बांटा 14 करोड़ रुपए का बोनस

नई दिल्ली
तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित एक एआई स्टार्टअप कोवई.को ने अपने कर्मचारियों को 14 करोड़ रुपए का बोनस दिया है, जो किसी भी स्टार्टअप के लिए एक बड़ा सपना होता है। इस कंपनी में कुल 140 कर्मचारी काम करते हैं, और उन्हें यह बोनस उनकी मेहनत और योगदान के लिए दिया गया है। कोवई.को की स्थापना 2011 में सरवणकुमार नामक एक व्यक्ति ने की थी। यह कंपनी बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सास समाधान (SaaS solutions) प्रदान करती है। सरवणकुमार ने 14 साल बाद अपने कर्मचारियों से किया गया वादा पूरा किया और उन्हें यह बोनस दिया।
 
बड़े क्लाइंट्स के साथ कंपनी का नाम
कोवई.को के पास बीबीसी, बोइंग और शेल जैसी बड़ी कंपनियां अपने ग्राहक के रूप में हैं। कंपनी का नाम कोयंबटूर शहर पर रखा गया है, जहां इसकी शुरुआत हुई थी। सरवणकुमार कोयंबटूर के मूल निवासी हैं, हालांकि वह पिछले 25 वर्षों से लंदन में रहते हैं।

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स्टार्टअप शुरू करने का फैसला
सरवणकुमार ने बताया कि वह एक दशक से ज्यादा समय तक आईटी कर्मचारी थे, लेकिन उन्हें बाजार में कुछ कमी महसूस हुई। इसके बाद उन्होंने कोवई.को स्टार्टअप शुरू करने का निर्णय लिया। यह कंपनी पूरी तरह से बूटस्ट्रैप्ड है और इसने कोई बाहरी फंडिंग नहीं ली है।

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कर्मचारियों को 14 करोड़ रुपए का बोनस दिया
आपके स्टार्टअप ने इतना बड़ा बोनस क्यों दिया है? तो सरवणकुमार ने कहा कि स्टार्टअप में काम करने वाले लोग एक दिन अमीर बनना चाहते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें सिर्फ कागजी शेयर मिलते हैं। सरवणकुमार ने तीन साल पहले अपने कर्मचारियों से वादा किया था कि वह उन्हें जनवरी 2025 तक छह महीने का वेतन बोनस के रूप में देंगे। अब उन्होंने वह वादा पूरा किया और 14 करोड़ रुपए का बोनस दिया।
 
कंपनी का रेवेन्यू 100 मिलियन डॉलर पहुंचाना मकसद
सरवणकुमार ने यह भी कहा कि वह कोवई.को को एक यूनिकॉर्न बनाना चाहते हैं। उनकी योजना 2030 तक कंपनी का रेवेन्यू 100 मिलियन डॉलर तक पहुंचाने की है। उन्होंने यह भी मजाक करते हुए कहा कि उन्होंने बुगाटी कार खरीदने का विचार छोड़ दिया है, और अब वह अपनी कर्मचारियों को बोनस देने के लिए उसी पैसे का उपयोग करना चाहते हैं। यह स्टार्टअप और इसके संस्थापक सरवणकुमार की एक प्रेरणादायक कहानी है, जो न केवल अपने कर्मचारियों के साथ विश्वास कायम कर रहे हैं, बल्कि अपने स्टार्टअप को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।

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