लखनऊ अलीगंज अग्निकांड के बाद अवैध निर्माणों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा। प्रदेश के विकास प्राधिकरणों में होने वाले अवैध निर्माणों और मानचित्र से इतर किए जा रहे कार्यों की निगरानी अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए जियो पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जो सेटेलाइट इमेज और एआई आधारित प्रणाली के माध्यम से अवैध निर्माणों की पहचान करेगा। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के निर्देशन में इस योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। परिषद के अपर…
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AI तकनीक से बदलेगी काशी की यातायात व्यवस्था, स्मार्ट बनेगा भीड़ प्रबंधन
वाराणसी दिव्य और भव्य काशी में आने वाले देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं को अब ट्रैफिक और भीड़-भाड़ के कारण असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप वाराणसी को अब अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। 'टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन' के वैश्विक 'सस्टेनेबल सिटीज़ चैलेंज' के तहत चुनी गईं चार प्रमुख कंपनियां अब एआई (AI) सेंसर, जेनरेटिव एआई, डिजिटल साइनेज, कलर कोडिंग और नेविगेशन ऐप्स के जरिए शहर के यातायात व भीड़ प्रबंधन को पूरी तरह हाईटेक…
Read Moreयूपी में एआई आधारित एक्स-रे, एमआरआई मशीनों से आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी जल्द।
लखनऊ योगी सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और तकनीक आधारित बनाने क दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक एवं निःशुल्क डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार के बीच प्रधानमंत्री निधि के तहत एआई-सक्षम पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन, 1.5 टेस्ला एमआरआई एवं डिजिटल मैमोग्राफी टोमोसिंथेसिस (डीबीटी) मशीनों की आपूर्ति, स्थापना एवं संचालन के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता जून-26 से मार्च-36 तक प्रभावी रहेगा।…
Read MoreAI से सपनों पर कंट्रोल का दावा! स्टार्टअप ने लॉन्च किए अनोखे वियरेबल डिवाइस
AI की मदद से लेटर, कोटिंग और कैलकुलेशन आदि तक कराई जा सकती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि AI की मदद से अपने सपनों को भी कंट्रोल किया जा सकता है. ये दावा एक स्टार्टअप प्रोफेटिक AI ने किया है. स्टार्टअप ने अपने वियरेबल डिवाइस लॉन्च किए हैं, जिनको लेकर दावा किया है कि आप क्या सपने में देखना चाहते हैं, इस डिवाइस की मदद से कंट्रोल किया जा सकती है. इनकी शुरुआती कीमत $449 (लगभग 42,300 रुपये) है. स्टार्टअप ने दो नए वियरेबल डिवाइस को पेश किया…
Read Moreदिल की सुरक्षा में एआई का कवच: हार्ट अटैक से पहले ही देगा खतरे का अलर्ट
नई दिल्ली हृदय रोग-हार्ट अटैक हर साल दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत का कारण बन रहा है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की रिपोर्ट के मुताबिक अकेले साल 2023 में, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों (सीवीडी) की वजह से दुनिया भर में लगभग 19.2 मिलियन (1.92 करोड़) लोगों की मौत हो गई, इसमें इस्केमिक हार्ट डिजीज के कारण 24 करोड़ लोग प्रभावित हुए। भारतीय आबादी में भी हृदय रोगों की समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चिंता जताते रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, …
Read Moreचीन सीमा पर रोबोट्स की तैनाती दिसंबर में, AI तकनीक से ड्रैगन ने सबको चौंकाया
बीजिंग टेक्नोलॉजी की दुनिया से बड़ी खबर सामने आ रही है. जरा सोचिए दो देशों के सीमा पर जहां अभी तक लंबी लाइनों में इंसानी स्टाफ यात्रियों को गाइड करते हैं वहीं काम अब रोबोट संभालेंगे! पड़ोसी मुल्क चीन ने अपने बॉर्डर क्रॉसिंग पर ऐसे ह्यूमनॉइड रोबोट्स का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है और अब दिसंबर से इनकी तैनाती भी शुरू कर देगा. यह कदम न सिर्फ यात्रा प्रक्रिया को तेज बनाएगा बल्कि बार्डर मैनेजमेंट में टेक्नोलॉजी की नई क्रांति का संकेत भी देता है. शेन्जेन स्थित कंपनी यूबीटेक…
Read MoreAI में नहीं रहेगा लिंग और रंग का भेद! नई रिसर्च ने दिखाई समावेशी भविष्य की राह
भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (आइसर) की लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम्स से जुड़ा एक महत्वपूर्ण शोध कार्य किया गया है। ये शोध एआइ में महिला-पुरुष, ग्रामीण-शहरी और गोरे-सांवले आदि के बीच लगातार पनप रहे पक्षपात को खत्म करेगा। इससे एआइ के प्रति भरोसा बढ़ेगा और गलतियां भी कम होंगी। दरअसल, एआइ मॉडल को विकसित करने के लिए करोड़ों-अरबों तस्वीरों, टेक्स्ट और आवाजों समेत अन्य प्रकार की सूचनाएं विभिन्न माध्यम से दी जाती हैं। लोग जानकारी को समझने व याद करने की जगह ‘शॉर्टकट’ को अपनाते हैं,…
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