धार भोजशाला मामले को लेकर हिंदू समाज के आह्वान पर आज (मंगलवार) आधे दिन के लिए धार जिले में बंद रखा गया है। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। इससे सामान्य दिनों की तुलना में बाजारों में सन्नाटा नजर आया। हिंदू समाज का कहना है कि भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रशासन की ओर से अपेक्षित तरीके से पालन नहीं कराया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर समाज ने बंद का आह्वान किया था। संगठनों ने…
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धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को, जानें अब क्या होगा
धार ऐतिहासिक भोजशाला मामले में सर्वोच्च न्यायालय में अब अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी। गुरुवार को प्रस्तावित सुनवाई नहीं होने के बाद न्यायालय ने आगे की तारीख दी है। बता दें कि 5 अगस्त से लगातार टल रही सुनवाई के चलते अब इस प्रकरण में करीब दो माह बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। इधर भोजशाला परिसर में प्रत्येक शुक्रवार होने वाली नमाज को लेकर विवाद और आपत्तियां भी बरकरार हैं। खसरा नंबर 612 में स्थित स्थल पर प्रत्येक शुक्रवार नमाज होती है। मंदिर पक्ष…
Read MoreBhojshala Case: सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, मंदिर घोषित करने के फैसले को मुस्लिम पक्ष ने दी चुनौती
धार मध्यप्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़े मामले में बुधवार 12 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। यह सुनवाई इंदौर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम समाज की ओर से दायर 5 याचिकाओं पर होगी। पहले 5 और 6 अगस्त को सुनवाई होनी थी। दरअसल, 15 मई 2026 को इंदौर हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर घोषित करते हुए हिंदू समाज को वहां रोजाना पूजा करने की अनुमति दी थी। इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट में पांच याचिकाएं…
Read Moreब्रिटेन से लौटेगी भोजशाला की वाग्देवी प्रतिमा, 11वीं शताब्दी की धरोहर की वापसी के लिए भारत के प्रयास तेज
धार धार की ऐतिहासिक भोजशाला से एक सदी पहले ब्रिटेन ले जाई गई 11वीं शताब्दी की देवी वाग्देवी की सफेद संगमरमर की प्रतिमा को वापस लाने के लिए भारत ने राजनयिक प्रयास तेज कर दिए हैं। केंद्र सरकार मध्य प्रदेश सरकार के अनुरोध और उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद लंदन संग्रहालय के साथ लगातार संपर्क में है, जिससे 2014 के बाद से 650 से अधिक प्राचीन कलाकृतियों को सफलतापूर्वक स्वदेश लाने वाले भारत के रिकॉर्ड में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने की उम्मीद जगी है। भोपाल में आयोजित बिक्स…
Read Moreधार भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, मुस्लिम पक्ष को पास की जमीन पर जुमे की नमाज की अनुमति
धार धार में स्थित भोजशाला से जुड़े विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अहम अंतरिम आदेश जारी किया है। शीर्ष अदालत ने विवादित परिसर से सटी खसरा नंबर-596 की जमीन पर मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दे दी है। साथ ही मध्य प्रदेश सरकार को इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने 14 जुलाई 2026 के अपने पूर्व आदेश…
Read Moreभोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब गुरुवार को होगी अहम सुनवाई; 500 मीटर दूर दो स्थान चिन्हित
धार धार भोजशाला परिसर से जुड़े बहुचर्चित मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट में अन्य मामलों की लंबी सुनवाई के कारण भोजशाला प्रकरण का नंबर नहीं आ पाया। अब इस मामले में गुरुवार को सुनवाई होगी। 14 जुलाई के आदेश के बाद बढ़ी हलचल सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को मुस्लिम समाज के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और मुस्लिम समाज के…
Read Moreभोजशाला विवाद: दो नए वैकल्पिक स्थल तैयार, मस्जिद पक्ष बोला- 500 मीटर दूर नहीं पढ़ेंगे नमाज
धार प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम व्यवस्था के तहत पहले तैयार किए गए 40 पीर (मालीवाड़ा) स्थल को मस्जिद पक्ष द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने नमाज के लिए दो नए वैकल्पिक स्थान तैयार करना शुरू कर दिए हैं। दोनों नए स्थल भोजशाला से करीब 500 मीटर दूर हैं, जबकि पहले प्रस्तावित 40 पीर स्थल की दूरी करीब 900 मीटर थी। इनमें एक बंद पड़ी डिस्टिलरी इकाई के पास और दूसरा समीप स्थित वन विभाग की भूमि पर विकसित…
Read Moreधार भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस, मुस्लिम पक्ष बोला- हेलीकॉप्टर नहीं है, तुषार मेहता ने दिया 900 मीटर वाला जवाब
धार सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान नमाज के लिए दूसरी जगह देने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और मुस्लिम पक्ष के बीच बहस हुई. दरअसल 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को राहत देते हुए कहा कि प्रशासन उन्हें नमाज के लिए विवादित परिसर के पास जगह दे दे. इसके बाद प्रशासन ने मुस्लिम पक्ष को मालीवाड़ा में नमाज के लिए जगह दी, लेकिन मुस्लिम पक्ष का कहना था कि यह जगह दूर है. इसी को लेकर वह…
Read Moreधार भोजशाला विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, मुस्लिम पक्ष बोला- जुमे की नमाज के लिए तय जमीन बहुत दूर
धार धार भोजशाला विवाद मामले में मुस्लिम पक्ष एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. मामले में आज सुनवाई हुई. इस दौरान मुस्लिम पक्ष के वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी ने नमाज के लिए मुहैया कराई गई जमीन पर अपनी आपत्ति जताई. वकील ने कहा कि शुक्रवार की नमाज के लिए जो वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराई गई है, वह भोजशाला विवादित स्थल से काफी दूर है. उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार जमीन भोजशाला के पास होनी चाहिए थी, लेकिन उपलब्ध कराई गई जमीन लगभग 2 किलोमीटर दूर है. 'एक…
Read Moreभोजशाला के पास नहीं हुई जुमे की नमाज, प्रशासन ने तय किया नया स्थान
नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट से मिले निर्देश के बाद भी मध्यप्रदेश सरकार धार में स्थित भोजशाला के करीब खुले स्थान पर जुमे की नमाज नहीं करवा सकी। हालांकि प्रशासन ने भोजशाला परिसर के पास नमाज नहीं करवा पाने से जुड़ी किसी विशेष वजह का खुलासा तो नहीं किया, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि इसके पीछे सर्वोच्च न्यायालय का विस्तृत आदेश देर से उपलब्ध होना तथा आदेश के अनुरूप नमाज के लिए उपयुक्त वैकल्पिक स्थान तत्काल निर्धारित नहीं हो पाना प्रमुख कारण रहे। इसके चलते मुस्लिम समाज के लोगों ने…
Read Moreभोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी हलचल, प्रशासन के सामने 5 बड़ी चुनौतियां
धार इं प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के विवाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मस्जिद पक्ष के लिए अंतरिम रूप से अलग स्थान पर नमाज की व्यवस्था करने के निर्देश के बाद अब सबसे बड़ी चर्चा वैकल्पिक स्थान को लेकर शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने अभी स्थान चयन की प्रक्रिया शुरू नहीं की है, लेकिन मंदिर पक्ष ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि भोजशाला के 300 मीटर के संरक्षित दायरे के भीतर नमाज की व्यवस्था स्वीकार नहीं होगी। इस सीमा के बाहर उपयुक्त भूमि…
Read Moreहाई कोर्ट के फैसले के दो माह बाद बदली भोजशाला की तस्वीर, विकास कार्यों और धार्मिक गतिविधियों को मिली रफ्तार
धार मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के 15 मई के ऐतिहासिक फैसले के बाद दो माह में धार स्थित भोजशाला परिसर का स्वरूप काफी बदल गया है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद से यहां नियमित पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हुआ, जो लगातार जारी है। प्रतिदिन सुबह और शाम आरती हो रही है। बीते दो महीनों में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है। नियमित पूजा-अर्चना से बढ़ी आस्था हाई कोर्ट के फैसले से पहले की व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक शुक्रवार को परिसर…
Read Moreभोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार
धार मध्य प्रदेश के भोजशाला विवाद पर मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान एक बेहद अहम मोड़ आया है. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष द्वारा दाखिल की गई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि एएसआई (ASI) द्वारा भोजशाला परिसर में कोई भी ढांचागत बदलाव यानि Structural Changes नहीं किया जाएगा. चीफ जस्टिस…
Read Moreभोजशाला फैसले के एक माह बाद भी SOP पर संशय, अधिकारी दे रहे सुप्रीम कोर्ट याचिका का हवाला
धार इंदौर हाईकोर्ट द्वारा भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने के फैसले को एक माह पूरा हो चुका है, लेकिन भोजशाला को लेकर पुरातत्व विभाग की तरफ से दिशा-निर्देशों को लेकर एसओपी जारी नहीं की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि हमने विभाग को मेल किए तो अफसर सुप्रीम कोर्ट में केस होने का हवाला देकर मामला टाल रहे हैं, जबकि अभी तक सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी नहीं हुई है। हमने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। पुरातत्व विभाग…
Read Moreभोजशाला गर्भगृह में गुपचुप रखी गई मां वाग्देवी की प्रतिमा, ASI ने तुरंत हटाया; सुरक्षा बढ़ाई गई
धार धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी की अष्टधातु की प्रतिमा विराजित किए जाने की घटना के बाद प्रशासन भी हरकत में आया है। परिसर के अंदर सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है। मामला संज्ञान में आने के तुरंत बाद प्रतिमा को प्रशासन ने हटा दिया है। अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि, परिसर के अंदर इस प्रतिमा को कौन लेकर आया था। गर्भगृह में पूर्व की भांति मां वाग्देवी का प्रतीकात्मक स्वरूप स्थापित था, जिसकी पूजा – अर्चना की गई। वहीं, घटनाक्रम को…
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