21 दिन जंगल में लापता रही चीता निर्वात मिली, कॉलर का सिग्नल बंद होने से बढ़ी थी चिंता

श्योपुर  श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से करीब 21 दिन पहले लापता हुई दक्षिण अफ्रीकी से लाई गई मादा चीता निर्वा आखिरकार सुरक्षित मिल गई। उसका सैटेलाइट कॉलर काम नहीं कर रहा था, जिस कारण सिग्नल मिलना बंद हो गया था। कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने चीता प्रोजेक्ट की उपलब्धियों को एक्स पर साझा करते हुए निर्वा की तलाश को बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि कॉलर से सिग्नल नहीं मिलने के बावजूद टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे। करीब 21 दिन तक उसकी…

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कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या के बाद गांधीसागर बना दूसरा घर, अब नौरादेही के जंगल में तैयार 8 बाड़े, जल्द शिफ्ट होंगे चीते

श्योपुर  श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से चीतों को अब नौरादेही अभयारण्य में भी बसाने की तैयारी है। फिलहाल वहां बाड़ा निर्माण चल रहा है। दो माह में काम पूरा होने की संभावना है। यही वजह है कि जुलाई में चार चीते शिफ्ट किए जा सकते हैं। दूसरी ओर प्रदेश में चीतों का दूसरा घर गांधीसागर अभयारण्य (मंदसौर) में भी दो और चीते भेजने का प्लान है। शिफ्टिंग जून में संभव है। गांधीसागर में शिफ्ट चीतों को सड़क मार्ग से ले जाया गया था। बोत्सवाना और भारतीय चीतों…

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कूनो बना चीतों का ग्लोबल ब्रीडिंग सेंटर, 3 माह में 4 मादा चीता बनीं मां, प्रबंधन ने बदली रणनीति

श्योपुर मध्यप्रदेश का कूनो नेशनल पार्क अब चीतों का केवल आश्रय स्थल नहीं रहा, बल्कि एक सफल चीता प्रजनन केन्द्र के रूप में दुनिया भर में अलग पहचान बना चुका है। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीते यहां की जलवायु और पारिस्थितिकी तंत्र में पूरी तरह से रच बस गये हैं। कूनो की धरती अब आये दिन नन्हे शावकों की किलकारियों से गूंज रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का लुप्त हो चुके चीतों के देश में फिर से बसाने का सपना ‘प्रोजेक्ट चीता’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव…

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मंदसौर में चीता संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम, प्रभास और पावक ने पार किया बड़ा पड़ाव

मंदसौर भारत के महत्त्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता की कहानी में एक और ऐतिहासिक पन्ना जुड़ गया है। दक्षिण अफ्रीका की धरती से आए दो चीता भाई प्रभास और पावक ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में अपना एक साल यानी 365 दिन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। तारीखों की नजर से देखें 3 साल का गौरवशाली सफर ​इन दोनों भाइयों का भारत में अब तक का सफर किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं रहा है: -​18 फरवरी 2023: दक्षिण अफ्रीका से उड़ान भरकर भारत…

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कूनो में फिट और एक्टिव हैं बोत्सवाना के चीते, 6 का क्वारंटाइन खत्म, बड़े बाड़ों में लगाई पहली छलांग

 श्योपुर मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट के तीसरे चरण में बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों में से 6 चीतों का क्वारंटाइन समय पूरा होगया. जिसके बाद उन्हें बड़े बाड़ों में शिफ्ट कर दिया गया है. कूनो प्रबंधन ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि एक महीने बाद सभी चीते फिट है और कूनो के नए माहौल में रच बस रहे है।  पिछले दिनों 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से कुल 9 चीते कूनो पहुंचे थे, जिनमें 6 मादा और तीन नर शामिल थे.…

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मिशन चीता की नई सफलता, बोत्सवाना से 9 और चीते कूनो पहुंचे, भारत में संख्या हुई 48

श्योपुर  श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में शनिवार एक और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। बोत्सवाना से अफ्रीकी महाद्वीप के 9 नए चीते विशेष विमान से भारत पहुंचे हैं। यह चीतों का तीसरा बड़ा जत्था है, जो 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत भारत लाया गया है। भारतीय वायुसेना के विमान से रात में ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के बाद सुबह भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से इन्हें कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया। केंद्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इन चीतों को क्वारंटाइन बाड़ों में रिलीज किया।…

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कूनो में आज शनिवार सुबह होगी ग्रैंड लैंडिंग, बोत्सवाना से आए 8 नए चीते, CM Mohan Yadav करेंगे बाड़े में रिलीज

 श्योपुर/ग्वालियर MP के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीकी महाद्वीप से चीतों का तीसरा बड़ा जत्था भारत आ रहा है. बोत्सवाना से एयरलिफ्ट किए गए इन 8 चीतों (6 मादा और 2 नर) का स्वागत खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव करेंगे. चीता प्रोजेक्ट डायरेक्टर उत्तम शर्मा ने बताया कि बोत्सवाना से छह मादा और दो नर चीतों का बैच शुक्रवार रात 9 बजे से 10 बजे के बीच इंडियन एयर फोर्स (IAF) के एयरक्राफ्ट से ग्वालियर के लिए उड़ान भरी।  ग्वालियर से, दो…

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बोत्सवाना से 28 फरवरी को एमपी पहुंचेंगे आठ चीते, 2032 तक आत्मनिर्भर आबादी बनाने का लक्ष्य

भोपाल मध्य प्रदेश में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। चीतों की संख्या में वृद्धि के लिए 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ और चीते लाए जाएंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष-2032 तक लगभग 17 हजार वर्ग किलो मीटर क्षेत्र में 60–70 चीतों की आत्मनिर्भर आबादी स्थापित करना है। इसके लिए गुजरात के बन्नी घास के मैदानों में संरक्षण प्रजनन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्य प्रदेश में चीता पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट विश्व का सबसे सफल अभियान…

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28 को बोत्सवाना से आ रहे चीते, एमपी में बढ़ेगा चीता कुनबा

भोपाल  40 महीने पहले देश में चीतों को बसाने का शुरू हुआ सिलसिला अब और बढऩे जा रहा है। 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीतों के साथ शुरू हुए प्रोजेक्ट में अब 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 और चीते लाए जाएंगे। उन्हें कूनो नेशनल पार्क में रखा जाएगा। इससे पहले 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत में 28 फरवरी को 8 चीतों को लाने की बात कही। गांधी सागर…

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कूनो में चीता ‘मुखी’ ने पांच शावकों को जन्म दिया, भारत में पहला सफल प्रजनन: सीएम मोहन यादव ने दी बधाई

श्योपुर  मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से चीता संरक्षण के क्षेत्र में एक और बड़ी खुशखबरी आई है। भारत में जन्मी पहली मादा चीता ‘मुखी’ ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही 33 महीने की उम्र में मुखी अब भारत में जन्म लेने वाली पहली चीता बन गई है, जिसने सफलतापूर्वक प्रजनन किया है। कुनो नेशनल पार्क के अधिकारियों के अनुसार, मादा चीता मुखी और उसके नवजात पांचों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह शावक नामीबिया से लाई गई चीता ‘सिया’ (Siyaya) और दक्षिण अफ्रीका…

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कूनो नेशनल पार्क में 1 अक्टूबर से शुरू होगी चीता सफारी, खुले जंगल में देख सकेंगे 16 चीते

श्योपुर  श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में आज एक अक्टूबर पर्यटक चीतों का रोमांच देख सकेंगे। इसी दिन से नेशनल पार्क में चीता सफारी की शुरुआत हो जाएगी। कूनो पार्क में बाड़ों के अतिरिक्त खुले जंगल में 16 चीते विचरण कर रहे हैं। कूनो और मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य में कुल 27 चीते हैं। जिनमें भारत में जन्मे शावक भी शामिल हैं। बता दें कि चीता पुनर्वास परियोजना के तहत 17 सितंबर 2022 को अपने जन्म दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को…

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मुरैना के सबलगढ़ में चीता दिखा, कूनो जंगल से गांव तक आया, सड़क पर ‘राजा’ की तरह चला

मुरैना  सबलगढ़ क्षेत्र में एक बार फिर चीते की मौजूदगी से लोगों में दहशत फैल गई है। घाटी नीचे के इलाके सालई गांव में सुबह अचानक सड़क पर एक चीता टहलता हुआ नजर आया। इस नजारे को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने चीते को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। शावक के होने की आशंका जानकारी के मुताबिक यह वही मादा चीता ‘केपी-1’ का शावक होने की आशंका है, जो कूनो नेशनल पार्क से बाहर…

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भारत को चीते भेजने से साउथ अफ्रीका ने भी किया इनकार, जानिए क्या है बड़ी वजह

 भोपाल भारत ने 1947 में चीतों के विलुप्त होने के बाद सितंबर 2022 में मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्वास परियोजना शुरू की थी। इस परियोजना के तहत नामीबिया से 8 और दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को लाया गया। लेकिन अब दक्षिण अफ्रीका ने नए चीतों की आपूर्ति पर अस्थायी रोक लगा दी है। इससे पहले केन्या ने भी चीतों के भेजने से इनकार किया था। क्या है दक्षिण अफ्रीका की चिंता दक्षिण अफ्रीका ने पहले भेजे गए चीतों की सेहत और उनके भारत में अनुकूलन…

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मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को लगा झटका, कूनो नेशनल पार्क में माता चीता नभा की हुई मौत

श्योपुर  मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से दुखद खबर सामने आ रही है. नामीबिया से लाई गई मादा चीता नभा की मौत हो गई है. जिसकी जानकारी कूनो के द्वारा दी गई है. कूनो प्रबंधन ने बताया कि नामीबिया की 8 वर्षीय मादा चीता नभा की आज शनिवार को मौत हो गई. वह एक हफ्ते पहले अपने सॉफ्ट रिलीज बोमा के अंदर घायल अवस्था में पायी गई थी. क्या शिकार के दौरान घायल हुई चीता नभा संभवतः वह शिकार के प्रयास के दौरान घायल हुई थी. अन्य चोटों के…

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कूनो जंगल में चीता को गर्मी से बचाने का गजब का उपाय, शावकों की मिली नई जिंदगी!

श्योपुर  इस गर्मी में कूनो नेशनल पार्क में चीता शावकों के लिए एक नई जीवन रेखा मिली है। यह है सौर ऊर्जा से चलने वाला वाटर लिफ्ट सिस्टम। इसने उन्हें भीषण गर्मी और कठोर परिस्थितियों से बचने में मदद की है। जून में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था। इससे पानी के स्रोतों पर बहुत दबाव पड़ा। मई 2023 में, नामीबियाई चीता ज्वाला के तीन शावकों की अत्यधिक गर्मी के कारण राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश में मौत हो गई थी। उस अनुभव…

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