भोपाल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल डिग्री देने के केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, अनुसंधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक सोच के विकास के प्रमुख केंद्र होते हैं। विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और भाषाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना भी विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आधुनिकता और परंपरा के संतुलन से ही देश का समग्र विकास संभव है। राष्ट्र्पति मुर्मु रविवार को जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहीं थी। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने विभिन्न संकायों में…
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