जबलपुर प्रदेश के सिंगरौली जिले के सरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-एक पर अदाणी समूह की कंपनी एसीसी लिमिटेड द्वारा कोयला लोडिंग-अनलोडिंग के मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने समूह को प्लेटफार्म खाली कराने के अंतरिम निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई की। तीन माह की अनुमति, तीन साल से लोडिंग-अनलोडिंग सरई के ग्राम शिवगढ़ निवासी अधिवक्ता विनय जायसवाल ने याचिका दायर की है। आरोप है कि यात्रियों के लिए निर्धारित प्लेटफार्म…
Read MoreTag: High Court
ग्वालियर की बदहाल सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, नगर निगम को लगाई कड़ी फटकार
ग्वालियर ग्वालियर की बदहाल सड़कों को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मंगलवार को नगर निगम को जमकर फटकार लगाई। न्यायालय ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि नगर निगम ने सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पेश नहीं की तो यह माना जाएगा कि निगम शहर की सड़कें ठीक करने में रुचि नहीं रखता और उसने ग्वालियरवासियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि जनहित याचिका लंबित होने का बहाना बनाकर नगर निगम सड़कों के निर्माण,…
Read Moreराजस्थान HC के कार्यवाहक CJ शर्मा को बदलने की अपील, जस्टिस संदीप मेहता ने CJI को लिखा पत्र
जयपुर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता ने कई पत्रों के जरिये भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से तुरंत राजस्थान से बाहर का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का आग्रह किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा अपने प्रशासनिक अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। जस्टिस मेहता ने 2, 10 और 17 अगस्त को तीन पत्र लिखे. पता चला है कि जस्टिस मेहता ने जस्टिस शर्मा पर कुप्रशासन का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि जस्टिस शर्मा मामलों को…
Read Moreहाईकोर्ट से मिला झटका तो राजभर बोले- ‘अखिलेश जी हिजाब पर क्या सोचते हैं, मौलाना जानना चाहते हैं’
लखनऊ योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर इन दिनों सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर लगातार हमलावर हैं। 25 अगस्त को ओपी राजभर ने अखिलेश यादव से हिजाब से जुड़े मामले पर सवाल पूछा है। हाईकोर्ट के आदेश पर अखिलेश से पूछा सवाल राजभर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, “मित्र अखिलेश जी, हाईकोर्ट का आदेश तो आपने पढ़ा ही होगा। स्कूलों में हिजाब पहनने पर हाईकोर्ट की तरफ़ से रोक लगा दी गई है। लेकिन आपके प्रवक्ता तो खुलकर हाईकोर्ट…
Read Moreरेलवे एजेंट ने पर्सनल आईडी से टिकट बुक की तो भी अपराध नहीं? हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जस्टिस हिमांशु जोषी की एकलपीठ ने साफ किया है "अधिकृत एजेंट के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत अपराध नहीं बनता." इस प्रकार रेलवे कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित आपराधिक प्रकरण को निरस्त करने के आदेश जारी किए। आरपीएफ ने धारा 143 के तहत अपराध दर्ज किया याचिकाकर्ता अविनाश कुमार सोनी की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया "वह साल 2015 से आईआरसीटीसी अधिकृत ई-टिकटिंग एजेंट है. उसका सिंगरौली में सायबर कैफे है." मामले के अनुसार…
Read Moreजबलपुर हाईकोर्ट ने मेरिटोरियस शिक्षकों को दी राहत, फिर मिलेगा स्कूल चुनने का मौका
जबलपुर मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की मिडिल स्कूल शिक्षिका साक्षी ताम्रकार सहित अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शिक्षक भर्ती में पदस्थापना प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। याचिका में आरोप लगाया गया कि अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थियों को पसंद का स्कूल चुन सकेंगे। मामले की शनिवार को सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में ऐसा बदलाव नहीं किया जा सकता, जिससे अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हों। कोर्ट ने…
Read Moreजबलपुर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, वाहन चेकिंग के दौरान चाबी छीनना गलत; SP को कार्रवाई के निर्देश
जबलपुर वाहन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस और एक अधिवक्ता के बीच हुए विवाद के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए पुलिस और वकीलों दोनों को कानून के प्रति जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी है। वाहन चेकिंग के दौरान हुआ था विवाद याचिका के अनुसार 11 जुलाई 2026 को ट्रैफिक चेकिंग अभियान के दौरान अधिवक्ता को रोका गया। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की, गाली-गलौज की, मारपीट की और आपराधिक धमकी दी। घटना के बाद नाराज वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने…
Read Moreहाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बहू के नाम घर होने पर भी सास को रहेगा रहने का अधिकार
शिमला हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने घरेलू हिंसा के एक मामले में साफ किया कि बहू के नाम वाले घर में भी सास का रहने का अधिकार है. बहू सास को सिर्फ इसलिए बेदखल नहीं कर सकती कि मकान उसके नाम पर है और उसने ये मकान अपनी कमाई से खरीदा है. अदालत ने कहा कि साझा गृहस्थी के अधिकार के तहत ये जरूरी नहीं है कि संपत्ति पति, सास या पीड़ित महिला के नाम पर हो। बहू के नाम वाले घर में सास को रहने का अधिकार जस्टिस राकेश…
Read Moreहाई कोर्ट की नई व्यवस्था लागू, अब याचिकाएं और शपथ पत्र दोनों ओर होंगे प्रिंट; हार्ड कॉपी की प्रथा खत्म
इंदौर हाई कोर्ट में अब डिजिटल पत्राचार होगा। हार्ड कापी के माध्यम से पत्राचार की प्रथा समाप्त कर दी जाएगी। वकीलों नोटिस और अन्य सूचनाओं की जानकारी उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस अथवा व्हाट्सएप अलर्ट के माध्यम से दी जाएगी। इतना ही नहीं अब याचिकाएं, वादपत्र, शपथ पत्र सहित सभी दस्तावेज दोनों और प्रिंट किए जाएंगे। हाई कोर्ट को पेपरलेस बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। जारी परिपत्र कहा है कि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मप्र हाई…
Read Moreसरकारी मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति हाईकोर्ट पहुंची, SC-ST-OBC को अवसर न मिलने पर सरकार से जवाब तलब
जबलपुर मध्यप्रदेश सरकार के नियंत्रण वाले मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति को लेकर बनाई गई वर्ष 2019 की नीति अब हाईकोर्ट की समीक्षा के दायरे में आ गई है। इस नीति में केवल ब्राह्मण समुदाय को पुजारी नियुक्त करने का प्रावधान होने का दावा करते हुए इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इससे अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लोगों को पुजारी बनने के अवसर से वंचित किया जा रहा है। मामले की सुनवाई गुरुवार को…
Read Moreसोनम वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल भेजने की मांग पर हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत
नई दिल्ली सोनम वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने कहा कि उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सरकार का उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला सही था. अदालत ने यह भी साफ किया कि इलाज से जुड़े सभी मेडिकल फैसले डॉक्टर, सोनम वांगचुक की सहमति के साथ लेंगे. फिलहाल उनकी निगरानी सफदरजंग अस्पताल और एम्स के डॉक्टरों की टीम करेगी. साथ ही कोर्ट ने सरकार, दिल्ली पुलिस और अस्पताल से तीन दिन के भीतर…
Read Moreलापता लड़कियों के मामलों पर हाई कोर्ट सख्त, पुलिस को लगाई फटकार; जांच के तरीके पर उठाए सवाल
ग्वालियर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने लापता युवती की तलाश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए भिंड के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को जांच अधिकारी तत्काल बदलने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि जांच ऐसे अधिकारी को सौंपी जाए, जिसकी रैंक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से कम न हो। साथ ही एसपी को शपथपत्र प्रस्तुत कर यह बताने के निर्देश दिए गए हैं कि अब तक की जांच प्रभावी और उचित थी या नहीं। कोर्ट ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि पुलिस ऐसे मामलों…
Read More‘वर्दी पुलिस की, दिल अपराधियों के साथ’— हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, DGP को सर्कुलर जारी करने का आदेश
ग्वालियर मध्य प्रदेश में अपराधियों को कानूनी लूपहोल (कमियों) का फायदा पहुंचाकर कोर्ट से छुड़ाने वाले और अपनी ड्यूटी में घोर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसरों पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बड़ा और कड़ा प्रहार किया है। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने तल्ख लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा है कि "कुछ पुलिस अधिकारी वर्दी तो कानून की पहनते हैं, लेकिन उनका दिल अपराधियों के साथ धड़कता है।" न्यायालय ने साफ कर दिया है कि अगर कोई पुलिस अधिकारी किसी आरोपी को गिरफ्तार करते समय…
Read Moreसरकारी संपत्ति की सुरक्षा में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश
जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी संपत्ति की रक्षा करना सरकार और उसके अधिकारियों का संवैधानिक दायित्व है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात मानी जाएगी। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा में नाकाम रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर ऐसे अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज की जा सकती है।…
Read MoreMP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पेंशन बढ़ोतरी, एरियर और अतिरिक्त इंक्रीमेंट की मांग खारिज
जबलपुर हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने वेतन पुनरीक्षण से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वेतन पुनरीक्षण के समय कर्मचारियों द्वारा चुना गया विकल्प बाद में बदला नहीं जा सकता। कोर्ट ने अतिरिक्त वेतनवृद्धि के आधार पर पेंशन और एरियर बढ़ाने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि स्वेच्छा से संशोधित वेतनमान स्वीकार करने वाला कर्मचारी बाद में पुरानी वेतन व्यवस्था का लाभ नहीं मांग सकता। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका निरस्त…
Read More
