भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन धर्म की नगरी होने के साथ विज्ञान की भी नगरी है। उज्जैन की माटी में विज्ञान, गणित, खगोल और ब्रह्मांड चिंतन सदियों से विद्यमान है। उज्जैन काल गणना का केंद्र रहा है, जहां प्राचीन काल में सूर्य की छाया से समय नापने की कला विकसित हुई। प्राचीन भारतीय भूगोल के अनुसार उज्जैन कर्क रेखा पर स्थित है और इसे पृथ्वी का मध्य बिंदु माना जाता था। ग्रीनविच के वैश्विक मानक के अस्तित्व में आने से सदियों पहले शून्य देशांतर रेखा…
Read More
