गौ-सेवा, प्रकृति संरक्षण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का संकल्प

भोपाल  गोवर्धन पूजा हमारी सनातन संस्कृति का ऐसा पावन पर्व है, जो प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, गौ-माता के प्रति श्रद्धा और समस्त जीव-जगत के संरक्षण का संदेश देता है। भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण करने की लीला हमें सिखाती है कि प्रकृति, पर्वत, जल, वनस्पति और गौवंश का संरक्षण मानव जीवन के अस्तित्व और समृद्धि के लिए अनिवार्य है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलित सह-अस्तित्व और समाज के सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। भारत की संस्कृति में गौ-माता को विशेष स्थान प्राप्त है।…

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