उमरिया उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इन दिनों कोर जोन में पर्यटन पूरी तरह से बंद है. इसी बीच मानसून सीजन के दौरान गाइड्स की स्पेशल ट्रेनिंग चल रही है. यह ट्रेनिंग इसलिए दी जा रही है जिससे कि नए सीजन की शुरुआत के साथ ही वे पर्यटकों को और बेहतर तरीके से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का भ्रमण करा सकें. पहले बैच में 29 गाइड ने दो दिवसीय ट्रेनिंग में हिस्सा लिया। गाइड्स के लिए दो दिवसीय ट्रेनिंग बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया "बांधवगढ़…
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छत्तीसगढ़ में MP के बाघों ने बढ़ाया कुनबा, 2010 में सिर्फ एक था; अब संख्या 10 के पार
बांधवगढ़ कभी बाघ विहीन होने की कगार पर खड़े छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व में अब मध्य प्रदेश के बाघों ने नई जान फूंक दी है। प्राकृतिक रास्तों (नेचुरल कॉरिडोर) से मध्य प्रदेश के कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच टाइगर रिजर्व से बाघ खुद ही अचानकमार पहुंच रहे हैं और अपना कुनबा बढ़ा रहे हैं। इस प्राकृतिक प्रवास के चलते छत्तीसगढ़ ने अब मध्य प्रदेश से बाघ मांगने के प्रस्ताव पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्राकृतिक रूप से आ रहे ये बाघ ही अब वहां की बाघों की आबादी बढ़ाने…
Read MoreMP में ‘Cat-22’ का संकट! 8 महीने में 45 से ज्यादा बाघों की मौत, 50 इंसानों ने भी गंवाई जान
भोपाल मध्य प्रदेश हमेशा से वन्यजीवों की संख्या और संरक्षण में अव्वल रहा है। भारत में बाघों और तेंदुओं की सबसे ज्यादा आबादी एमपी में ही है। लेकिन संरक्षण की इस शानदार सफलता के पीछे परेशान करने वाला संकट भी पनप रहा है। 2026 के शुरुआती 8 महीनों में राज्य भर में जंगली जानवरों के हमलों में कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी अवधि में 45 से ज्यादा बाघों की भी जान गई है। मध्य प्रदेश वन विभाग के अनुसार, इस साल सबसे ज्यादा इंसानी…
Read Moreइंदौर जू बना बाघों की ब्रीडिंग का सबसे सुरक्षित ठिकाना, 10 साल में जन्मे 25 से ज्यादा शावक
इंदौर इंदौर का कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय बाघों के जन्म के लिए सबसे परफेक्ट स्थानों में शुमार हो चुका है। यहां पिछले 10 साल के अंदर 25 से ज्यादा शावकों का जन्म हुआ। इसमें से 22 बाघ-बाघिन बड़े हुए। एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत यहां से करीब 20 बाघों को दूसरे चिड़ियाघरों में भेजा गया है। फिलहाल की स्थिति में इंदौर के जू में 13 बाघ हैं। यहां पर हर साल बड़ी संख्या में लोग बाघ सहित अन्य प्राणियों का दीदार करने पहुंचते हैं। बाघ-बाघिन को साथ में रखने से…
Read Moreअंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस आज, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में होंगे जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस आज, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में होंगे जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रम जन-जागरूकता रैली से होगी शुरुआत, पुरस्कार वितरण, चलित प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र उमरिया बाघों के संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर बुधवार 29 जुलाई को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला क्षेत्र में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जिसमें वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी, स्थानीय…
Read MoreMP High Court में बड़ा खुलासा, बाघों की मौतों के पीछे शिकार की आशंका; NTCA ने किया स्वीकार
जबलपुर देशभर में बाघों की लगातार हो रही अप्राकृतिक मौतों के बीच राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने हाई कोर्ट के समक्ष एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाली स्वीकारोक्ति की है। अप्राकृतिक मौतों में अवैध शिकार प्रमुख कारण अदालत में दायर हलफनामे में एनटीसीए ने स्पष्ट रूप से माना है कि संरक्षित बाघ अभ्यारण्यों तथा उनके आसपास बाघों की हालिया अप्राकृतिक मौतों में अवैध शिकार प्रमुख कारणों में से एक है। स्वयं शीर्ष संरक्षण संस्था ने शिकार की गंभीरता को रेखांकित किया यह स्वीकारोक्ति इसलिए भी अहम मानी जा रही…
Read Moreउदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद
उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद कैमरा ट्रैप में लगातार कैद हो रही बाघिन, संरक्षण प्रयासों को मिली बड़ी सफलता रायपुर उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व के लिए ऐतिहासिक खबर सामने आई है। हाल में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए कैमरा ट्रैप में एक बाघिन की तस्वीरें और वीडियो लगातार कैद हुए हैं। वन विभाग के अनुसार बाघिन प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए इस क्षेत्र तक पहुंची है और अब इसे अपना स्थायी आशियाना बनाने की ओर बढ़ रही है। संरक्षण प्रयासों का…
Read MoreMP में चरवाहे बनेंगे वन्यजीवों के संरक्षक, क्षेत्रीय सम्मेलन होंगे आयोजित, ₹22.79 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर
भोपाल मध्य प्रदेश के जंगलों में इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव (मानव-वन्यजीव संघर्ष) को रोकने के लिए वन विभाग अब एक बेहद जमीनी स्तर का प्लान तैयार कर रहा है। इसके तहत प्रदेश में पहली बार क्षेत्रीय स्तर पर 'चरवाहा सम्मेलन' आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों के जरिए उन ग्रामीणों और चरवाहों को सीधे जागरूक किया जाएगा, जो मवेशी चराने के लिए अक्सर जंगलों के भीतर या संरक्षित क्षेत्रों के आसपास जाते हैं। उन्हें वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन और खुद की सुरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। यह महत्वपूर्ण…
Read Moreकाठमांडू में गूंजेगी भोपाल के बाघों की कहानी, 42 देशों के वैज्ञानिक करेंगे अध्ययन
भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शहरीकरण के बीच बाघों के जिंदा रहने और इंसानों के साथ उनके अनोखे तालमेल पर हुई एक बेहद अहम स्टडी को नेपाल की राजधानी काठमांडू में पेश किया गया है। काठमांडू में 3 से 5 जून 2026 तक चल रहे छठे कंजर्वेशन एशिया कांग्रेस में इस रिसर्च को दुनिया भर के वैज्ञानिकों के सामने रखा गया। इस ग्लोबल इवेंट को 'सोसाइटी फॉर कंजर्वेशन बायोलॉजी एशिया रीजन', नेपाल चैप्टर और बुरहान फाउंडेशन मिलकर आयोजित कर रहे हैं, जिसमें 42 देशों के 600 से ज्यादा…
Read Moreपेंच टाइगर रिजर्व में अलर्ट! बाघों को बचाने के लिए 1500 कुत्तों को लगाई जा रही वैक्सीन
छिंदवाड़ा पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन से लगे गांव के पालतू और आवारा कुत्तों को पकड़कर वन और पशु विभाग के कर्मचारी इन दिनों इंजेक्शन लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं. दरअसल कुछ दिनों पहले कान्हा टाइगर रिजर्व और दूसरे नेशनल पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर बीमारी के इंफेक्शन देखे गए थे. जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज ये कदम उठाए गए हैं। छिंदवाड़ा सिवनी के 1500 कुत्तों का होगा वैक्सिनेशन पेंच टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर देव प्रसाद जे. ने बताया कि, ''वन्यजीव स्वास्थ्य की देखभाल के लिए पेंच टाइगर रिजर्व…
Read Moreनौरादेही में टाइगर और चीता सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिक होंगे जिम्मेदार, वन अपराध पर लगाम
सागर मध्य प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व की बात करें, तो ये तीन जिलों में फैला हुआ है. नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण को टाइगर रिजर्व में तब्दील तो कर दिया गया है. लेकिन 2 साल से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी आज यहां पर वही फील्ड स्टाफ काम कर रहा है. जो नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण्य के समय पर कर रहा था. जबकि नौरादेही वन्यजीव अभ्यारण्य का क्षेत्रफल आज के टाइगर रिजर्व से आधा भी नहीं था. ऐसे में टाइगर रिजर्व में बढ़ती…
Read Moreजयपुर के नाहरगढ़ पार्क में शावकों का पहला बर्थडे सेलिब्रेशन
जयपुर राजधानी जयपुर के आमेर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में इन दिनों जश्न का माहौल है. बाघिन ‘रानी' के पांचों शावकों का मंगलवार (28 अप्रैल) को पहला बर्थडे सेलिब्रेशन हुआ. 27 अप्रैल को जन्मे शावक विजय, शौर्य, सूर्या, अंबे और वृंदा का जन्मदिन पार्क प्रशासन ने उत्साह के साथ मनाया. मौका इसलिए भी खास है क्योंकि पार्क में 2 सफेद बाघों समेत बाघों की कुल संख्या 15 तक पहुंच गई है. यह किसी भी बायोलॉजिकल पार्कों की तुलना में अधिक है, जिससे नाहरगढ़ को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक…
Read More54 बाघों की मौत से हिला सिस्टम, रिजर्व के बाहर भी मिलेगा स्पेशल प्रोटेक्शन, जानिए नई TOTR स्कीम
भोपाल मध्य प्रदेश में बाघों की लगातार हो रही मौतों ने वन्यजीव प्रेमियों और सरकार की नींद उड़ा दी है। साल 2025 में रिकॉर्ड 54 बाघों की मौत के मामले में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक विस्तृत हलफनामा दाखिल किया है। इसमें बाघों को बचाने के लिए एक नई और हाईटेक सुरक्षा नीति का खुलासा किया गया है, जो अब रिजर्व की सीमाओं से बाहर भी लागू होगी। रिजर्व के बाहर भी टाइगर की सुरक्षा NTCA ने कोर्ट को बताया कि अब केवल टाइगर रिजर्व…
Read Moreखिवनी अभयारण्य में दुर्लभ दृश्य: सड़क पर दिखा बाघ परिवार, 20 मिनट तक थमी रही टूरिस्ट की सांसें
खिवनी खिवनी अभयारण्य में ऐसा नजारा सामने आया, जिसने जंगल सफारी के रोमांच को चरम पर पहुंचा दिया। घनी घास के बीच से अचानक निकला बाघ युवराज सड़क पर आकर ठहर गया और कुछ ही क्षणों में उसके पीछे बाघिन मीरा अपने तीनों शावकों के साथ नजर आई। देखते ही देखते पूरा बाघ परिवार एक साथ सडक़ पार करता दिखा, एक ऐसा दुर्लभ दृश्य, जिसे देख पर्यटक रोमांच और उत्साह से भर उठे। 20 मिनट तक थमा रहा रोमांच शाम करीब 5.30 बजे का समय था, जब यह अद्भुत दृश्य…
Read More51 हादसों में 18 मौतें, टाइगर कॉरीडोर बरेठा घाट होगा फोर-लेन, केंद्र से मिली मंजूरी
बैतूल मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के बरेठा घाट से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-46 (NH-46) के महत्वपूर्ण हिस्से को अब फोरलेन बनाने की मंजूरी मिल गई है। यह वही इलाका है, जहां पिछले दो साल में सड़क हादसे हुए और 18 लोगों की जान चली गई। लगातार बढ़ते हादसों और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस सड़क को चौड़ा और सुरक्षित बनाने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। यह सड़क ग्वालियर से बैतूल तक करीब 634 किलोमीटर लंबा एक अहम हाईवे है, जो पूरी तरह मध्यप्रदेश के…
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