‘आप’ हर स्तर पर प्रदूषण रोकने में विफल रही : कमलजीत सहरावत

नई दिल्ली
पश्चिमी दिल्ली से लोकसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज नेता कमलजीत सहरावत ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग बीमार हैं लेकिन आप सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने एक्यूआई लेवल को लेकर सरकार की निंदा की। कहा, दिल्ली का एक्यूआई लेवल आज 450 हो गया है और शहर एक गैस चैंबर में तब्दील हो चुका है। हर घर में कोई न कोई बीमार है और डॉक्टर के यहां लाइन लगी हुई है। लेकिन इसके बावजूद दिल्ली सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। ठोस कदम उठाने के लिए एक लंबी प्लानिंग की आवश्यकता होती है, जो सरकार के पास नहीं है।

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उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के अंदर मेट्रो रूट को बढ़ाया नहीं गया है। जो बसें चल रही हैं अगर उनको रूट प्लान करके चलाया जाता तो लोग निजी वाहन लेकर सड़कों पर नहीं निकलते। अगर दिल्ली सरकार ठीक से काम करती तो यहां पर जाम नहीं लगते। यहां पर गलियां और नालियां बनी होती तो पीएम पार्टिकल 2.5 नहीं होता। कुल मिलाकर दिल्ली सरकार हर स्तर पर प्रदूषण को रोकने में फेल रही है और अब ये ड्रामा कर रहे हैं, जिससे कुछ होने वाला नहीं है।

दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि भाजपा शासित राज्यों से आने वाली बसें, दिल्ली में प्रदूषण फैला रही हैं। इस पर भाजपा सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने ईस्टर्न पेरिफेरल और वेस्टर्न पेरिफेरल, द्वारका, एक्सप्रेस-वे की की सौगात दी है। अगर यह नहीं बना होता तो कम से कम एक लाख ट्रक दिल्ली से होकर गुजरते। अब यह यूपी और पंजाब की बसों को रोकेंगे और बसों में सफर करने वाली जनता को परेशान करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि गोपाल राय अपनी विफलता को दूसरे के ऊपर डालना चाह रहे हैं, अगर उनकी सरकार ने 10 साल सही से काम किया होता तो ऐसे हालात का सामना नहीं करना पड़ता

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अरविंद केजरीवाल की पदयात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलजीत सहरावत ने कहा कि उनकी सभा में किसी ने कहा कि पानी का बिल बहुत आ रहा है, इस पर केजरीवाल कहते हैं कि मेरी सरकार आएगी तो इसको माफ कर दूंगा। ऐसे में वो 10 साल तक किसकी सरकार समझ रहे थे। उनकी यह आदत मजाक बन चुकी है और जनता भी इसको समझ चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल ने बच्चों की कसम खाई थी कि घर नहीं लूंगा और अब 42 करोड़ का घर छोड़ने में तकलीफ हो रही है। पहले ये सवाल उठाते थे कि शीला दीक्षित टैक्स पेयर के पैसे से 10 एसी कैसे चलाती हैं, पर आज वो 75 एसी चला रहे हैं। यह अभी से पूर्व मुख्यमंत्री हो चुके हैं और आने वाले विधानसभा चुनाव में दिल्ली की जनता इनको सबक सिखाएगी।

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