केंद्र के विजन के मुताबिक राज्य के संभाग मुख्यालय को रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की तैयारी

भोपाल

 मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर-उज्जैन-देवास और धार को मिलाकर और दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भोपाल-सीहोर, रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर विकसित किया जाएगा।

 केंद्र के विजन के मुताबिक राज्य के प्रमुख संभाग मुख्यालय ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल को रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सरकार का यह प्रयास अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और निवेश के नये अवसरों को भी बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।

सुविधाओं में होगा सुधार
जानकारी के तहत इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर का 100 प्रतिशत क्षेत्र शामिल किया जाएगा, जबकि उज्जैन का 44 प्रतिशत धार और नागदा का भी कुछ हिस्सा इसमें जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और शहरी विकास को संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है, जिससे आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।

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बनेंगी पांच नई तहसीलें, सभी 8 तहसीलों के होंगे अपने भवन

भोपाल वासियों को जमीन से लेकर राजस्व के मामले को निपटाने के लिए अब दूर नहीं जाना होगा। जिला पुनर्गठन के प्रशासनिक प्रस्ताव पर शासन जल्द ही अंतिम मुहर लगाएगा। जिला प्रशासन द्वारा भेजे प्रस्ताव में शासन की ओर से मांगी गई आपत्तियों पर एसडीएम और तहसीलदार को 15 दिन में जवाब देना है। नीति के तहत भोपाल में पांच नई तहसीलों का गठन होगा। मौजूदा तीन तहसीलों के साथ पांच नई तहसीलों(Five New Tehsil) के साथ फिर कुल संख्या आठ हो जाएगी। इससे लोगों को अपने आवास क्षेत्र में ही तहसील कार्यालय में कार्य करवाना आसान हो जाएगा।

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10 बदलाव प्रस्तावित
● मौजूदा उपनगर ही नई तहसील बनेंगे। बैरागढ़, कोलार, भेल गोविंदपुरा, पुराना शहर व नया शहर, नर्मदापुरम रोड की नई तहसील होंगी।
● नई तहसीलें दूरी व क्षेत्रफल के अनुसार अलग से नजूल क्षेत्र तय करेंगे।

● शहरी और ग्रामीण क्षेत्र का नक्शा अलग किया जाएगा।

● जिला-तहसील क्षेत्रों को नगर निगम के वार्ड से भी जोड़ा जाएगा।
● तहसील व नजूल में तहसील अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी।

● शहरी क्षेत्र की तहसीलों में आबादी चार लाख के भीतर तय की जाएगी।

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इसलिए जरूरी पुनर्गठन

अभी जिले में कोलार, हुजूर व बैरसिया तहसील हैं। आठ नजूल क्षेत्र हैं। इनके एसडीएम है। कोलार, बैरसिया को छोडकऱ बाकी में तहसील(Five New Tehsil) कार्यालय अन्य क्षेत्रों में हैं। एमपी नगर नजूल कोलार तहसील में है तो बैरागढ़, हुजूर, ओल्ड सिटी नजूल पुराने शहर में कलेक्ट्रेट में है। गोविंदपुरा भी पुराने शहर के कलेक्टे्रट में है। हुजूर तहसील में शहर व ग्रामीण का 70 फीसदी क्षेत्र है जिससे काम कठिन होता है।

जिले के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जा रही है। लोगों की सुविधा की दृष्टि से बेहतर योजना तय की जा रही है। इससे सबको लाभ होगा। – कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

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