टिकटॉक पर छाए हैं संकट के बादलों को दूर कर सकती है AI कंपनी Perplexity

नई दिल्ली

चाइनीज कंपनी बाइटडांस का शॉर्ट वीडियो प्‍लेटफॉर्म टिकटॉक अमेरिका में मुसीबतों में है। ट्रंप सरकार के आने से पहले यह लगभग बंद ही हो गया था, लेकिन फ‍िर उसे वापसी का मौका मिला। शर्त यह है कि टिकटॉक को अमेरिका में अपना कारोबार बेचना होगा। अमेरिका में टिकटॉक को बैन से बचाने के लिए कई कंपनियां उसका बिजनेस खरीदने की कोशिश कर रही हैं। इस दौड़ में अब AI कंपनी Perplexity भी शामिल हो गई है। एंड्रॉयड हेडलाइन्‍स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्‍क और Mr. Beast जैसे लोगों के नाम पहले से टिकटॉक खरीदने की रेस में हैं। अब परप्‍लेक्सिटी भी इसे खरीदना चाहती है। कंपनी के सीईओ 31 साल के अरविंद श्रीनिवास हैं, जिनका जन्‍म साल 1994 में चेन्‍नई में हुआ था।

ये भी पढ़ें :  स्मार्टफोन खरीदना हुआ महंगा: टॉप ब्रांड्स ने बढ़ाई कीमतें, जानें वजह

कौन हैं अरविंद श्रीनिवास
साल 1994 में चेन्‍नई में जन्‍मे अरविंद श्रीनिवास, एआई कंपनी Perplexity के को-फाउंडर और सीईओ हैं। यह एक एआई आधारित सर्च इंजन है। अरविंद श्रीनिवास ने आईआईटी-मद्रास से पढ़ाई की है। उसके बाद वह कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरी करने चले गए। खास बात है कि श्रीनिवास ने अपने करियर की शुरुआत ओपनएआई से की थी, जिसे चैटजीपीटी बनाने के लिए जाना जाता है। बाद में उन्‍होंने गूगल और डीपमाइंड जैसी कंपनियों में भी काम किया। आखिरकार उन्‍होंने Perplexity शुरू की।

ये भी पढ़ें :  आज का राशिफल 9 जून: इन राशियों को मिलेगी सफलता की सौगात, कुछ को स्वास्थ्य पर देना होगा विशेष ध्यान

क्‍या काम करती है Perplexity
Perplexity एक एआई कंपनी है। यह एआई से चलने वाला सर्च इंंजन बनाती है। कंपनी सैन फ्रांसिस्‍को से ऑपरेट करती है। बताया जाता है कि टिकटॉक के अमेरिकी हिस्‍से को खरीदने के लिए 18 अरब डॉलर जुटाने पर काम कर रही है। अगर कंपनी अपने मकसद में कामयाब हो गई तो वह टिकटॉक एल्‍गोरिदम को ओपन-सोर्स बना सकती है यानी वह हर किसी के लिए ओपन होगा। कंपनी यह भी कह रही है कि अगर उसे टिकटॉक को खरीद लिया तो अमेरिका में डेटा सेंटर्स बनाएगी ताकि टिकटॉक पर अमेरिका की निगरानी रहे।

ये भी पढ़ें :  मैंने पहली बार देखा है कि कोई सरकार हमारे उद्योग में इतनी रुचि ले रही है: आमिर खान

टिकटॉक पर छाए हैं संकट के बादल
टिकटॉक को लेकर अमेरिका में संकट के बादल हैं। टिकटॉक यूजर्स भी इसके भविष्‍य को लेकर असमंजस में हैं। अमेरिका में यह प्‍लेटफॉर्म तभी ऑपरेट हो सकता है, जब बाइटडांस इसके अमेरिकी बिजनेस को बेच दे। ऐसा नहीं होने पर टिकटॉक को अमेरिका से लौटना होगा। भारत में टिकटॉक बहुत पहले ही बैन किया जा चुका है। अगर यह अमेरिका में भी बंद होता है तो कंपनी को बड़ा झटका लगेगा। अमेरिकी कंपनियां टिकटॉक को एक मौके की तरह देख रही हैं। एलन मस्‍क इसमें पहले ही दिलचस्‍पी दिखा चुके हैं।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment