यूपी में एटीएस नियम बदले जाएंगे, खत्म होगा जिलेवार सीमा बैरियर

लखनऊ

प्रदेश के सभी जिलों में आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की संख्या का बैरियर खत्म होगा। अभी तक एक जिले में अधिकतम तीन एटीएस खोलने का नियम रहा है और एक आवेदक पूरे राज्य में अधिकतम तीन एटीएस ही संचालित कर सकता था।

यह मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) परिवहन विभाग ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशों की अनदेखी करके तैयार किया था। तीन साल बाद अब केंद्रीय मंत्रालय के नियमों को अपनाने के लिए एसओपी में संशोधन होने जा रहा है। परिवहन विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।

तो इस वजह से हो रहा नियमों में बदलाव
नियमों में बदलाव करने की नौबत इसलिए आई क्योंकि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने पांच जनवरी को प्रदेशभर में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया था। उस सयम फिटनेस के लिए आवेदन करने वालों को एटीएस से लगभग 100 किलोमीटर क्षेत्र को जोड़ा गया था, उस समय व्यावसायिक वाहनों को नजदीकी 13 निजी एटीएस आवंटित हुए थे।

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लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित एकेआरएस एटीएस प्राइवेट लिमिटेड केंद्र पर लखनऊ के वाहनों के साथ इस केंद्र को रायबरेली, उन्नाव, बाराबंकी, हरदोई व सीतापुर जिलों के व्यावसायिक वाहन भी आवंटित किए गए थे। आदेश से व्यावसायिक वाहन चालक व स्वामी परेशान थे, क्योंकि उन्हें लंबी दौड़ लगानी पड़ रही थी।

केंद्रीय मंत्रालय के सचिव यतेंद्र कुमार ने 27 अप्रैल को जिलों को सशर्त मैनुअल फिटनेस जांच कराने का आदेश दिया। निर्देश है कि जिन जिलों में एटीएस जल्द तैयार हो रहे वहां उसी अवधि तक मैनुअल जांच होगी। यह समय सीमा अलग-अलग जिलों में 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई है। इसी बीच परिवहन विभाग ने यूपी में खुलने वाले एटीएस की एसओपी का नए सिरे से परीक्षण किया।

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इसमें सामने आया कि एसओपी में केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के नियम 175 के तहत देशभर में खोले जा रहे एटीएस से इतर यूपी में 2023 में नियम बनाए गए और 23 अगस्त 2023 से आवेदन मांगे गए थे। वहीं, केंद्र सरकार की नियमावली में जिलों में खुलने वाले एटीएस की संख्या ही निर्धारित नहीं की गई है।

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माना गया कि प्रदेश में एक जिले में अधिकतम तीन एटीएस की संख्या का बैरियर लगाने से एटीएस अपेक्षा के अनुरूप नहीं बन रहे और वाहन स्वामियों को दौड़ लगानी पड़ रही है। इतना ही नहीं एटीएस के लिए यूपी में दो एकड़ भूमि होने का नियम बना जबकि केंद्र सरकार इससे कम एरिया में एटीएस बनवा रही है।

यूपी में कड़े नियम होने की वजह से 25 जिलों में एटीएस निर्माण के लिए एक भी आवेदन नहीं हो सका। अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन संजय सिंह ने बताया, परिवहन विभाग ने एटीएस निर्माण के लिए अब केंद्र सरकार की नियमावली को अपनाएगी। संशोधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।

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