पैंगोलिन के अवैध शिकार और तस्करी के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

भोपाल 

वन्यजीव पैंगोलिन के शल्क (स्केल्स) के अवैध परिवहन एवं तस्करी के मामले में संलिप्त दो आरोपियों कृपाल सिंह पिता दशरथ सिंह और मुकेश कुमार विश्वकर्मा पिता श्याम सुंदर विश्वकर्मा की जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय, जबलपुर द्वारा खारिज कर दी गई हैं। आरोपी डोगरगवां, जिला उमरिया के निवासी हैं।

मामले की सुनवाई करते हुए षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश ने अपराध की प्रकृति एवं गंभीरता को देखते हुए माना कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 51A के अंतर्गत आवेदकों के निर्दोष होने पर विश्वास करने का आधार नहीं है। इसके चलते बीएनएसएस की धारा 483 के तहत आरोपियों की नियमित जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

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एसटीएसएफ जबलपुर को प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 8 जून 2026 को खमतरा-ढीमरखेड़ा रोड स्थित झिन्ना पिपरिया के पास घेराबंदी की गई। कार्रवाई के दौरान चार व्यक्तियों को पकड़ा गया और उनके कब्जे से लगभग 5 किलोग्राम पैंगोलिन के शल्क, एक चार पहिया वाहन और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। आरोपियों के कब्जे से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-I में शामिल दुर्लभ वन्यजीव पैंगोलिन के अवशेष बरामद किए गए। मामले में एसटीएसएफ द्वारा आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (यथा संशोधित 2022) तथा भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 237/24, दिनांक 8 जून 2026 दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

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