सावधान! क्या आपका CCTV कैमरा कर रहा है आपकी जासूसी?

अगर आप घर या ऑफिस के लिए CCTV कैमरा खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. हाल के दिनों में भारत में CCTV सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कुछ कैमरों का डेटा बाहर जा सकता है, यहां तक कि सेंसिटिव फुटेज पाकिस्तान और चीन तक पहुंचने की खबर है.

इसी के बाद सरकार सख्त हुई है. खबरें हैं कि चीन की कंपनियों जैसे Hikvision और TP-Link के कुछ नेटवर्क डिवाइस और कैमरों पर रोक लग सकती है. हालांकि हर डिवाइस पर सीधा बैन नहीं है, लेकिन सरकार अब ऐसे सामान पर नजर रख रही है जो डेटा सुरक्षा के लिहाज से मुश्किल पैदा कर सकते हैं.

गौरतलब है कि Hikvision चीन की कंपनी है, लेकिन इस पर चीनी सरकार का भी कंट्रोल है. ऐसे में अगर इस तरह के सर्विलांस टूल से जासूसी हो रही हो तो ये बड़ी बात नहीं होगी.

भारत में CCTV का बाजार तेजी से बढ़ा है. देशभर में करोड़ों कैमरे लगे हुए हैं, जिनमें एक बड़ा हिस्सा Hikvision जैसे ब्रांड का है. वजह साफ है. ये कैमरे सस्ते होते हैं और आसानी से उपलब्ध होते हैं. लेकिन सस्ता होने के साथ मुश्किल भी जुड़ा हो सकता है.

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साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ विदेशी CCTV सिस्टम में ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो डेटा को क्लाउड सर्वर पर भेजता है. अगर यह सर्वर भारत के बाहर है, तो फुटेज पर कंट्रोल भी बाहर जा सकता है.
Hikvision को लेकर पहले भी अमेरिका और कुछ दूसरे देशों में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ चुके हैं. आरोप यह भी लगे कि कंपनी का लिंक चीनी सरकारी ऑर्गनाइजेशन्स से है. हालांकि कंपनी इन आरोपों को खारिज करती रही है.

यह भी समझना जरूरी है कि हर कैमरा अपने आप डेटा लीक नहीं करता. लेकिन अगर डिवाइस का फर्मवेयर कमजोर है या डिफॉल्ट सेटिंग्स सिक्योर नहीं हैं, तो हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है. कई मामलों में देखा गया है कि लोग कैमरा लगाकर उसका पासवर्ड तक नहीं बदलते. ऐसे में कोई भी दूर बैठकर उस कैमरे को एक्सेस कर सकता है.

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…तो अब सवाल है कि सुरक्षित CCTV कैसे खरीदें?
सर्टिफाइड ब्रांड: सबसे पहले हमेशा भरोसेमंद और सर्टिफाइड ब्रांड चुनें. BIS या भारत सरकार के तय मानकों को पूरा करने वाले डिवाइस ही लें. लोकल या अनजान ब्रांड से बचें, भले ही वह सस्ता क्यों न हो. आम तौर पर सस्ते कैमरे चीन से इंपोर्ट करके यहां कुछ कंमनियां अपना स्टिकर लगा कर बेचती हैं. ये भी खतरे से खाली नहीं है.

लोकल डेटा
 कैमरा ऐसा हो जिसमें डेटा लोकल स्टोरेज या आपके खुद के सर्वर पर सेव हो. क्लाउड स्टोरेज लेते समय यह जरूर देखें कि सर्वर किस देश में है. डेटा को हार्ड ड्राइव में सेव करके रखें. क्लाउड बैकअप बंद कर सकते हैं.

सेटिंग्स बदलें
 कैमरा लगाने के बाद उसकी सेटिंग्स जरूर बदलें. डिफॉल्ट यूजरनेम और पासवर्ड कभी न रखें. मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करें और समय-समय पर अपडेट करें. टेक्निशियन ने जो पासवर्ड दिया है उसे तुरंत बदलें और टेक्निशियल के अकाउंट से अपना कैमरा जरूर हटवा दें.

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फर्मवेयर अपडेट करें
 कैमरे का सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहें. कंपनियां समय-समय पर सिक्योरिटी अपडेट देती हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जैसे स्मार्टफोन को समय समय पर अपडेट करते हैं वैसे ही इसे भी अपडेट करना जरूरी है.

आईडी पासवर्ड मजबूत रहें: अपने सीसीटीवी कैमरे का आईडी पासवर्ड मजबूत रखें. खास तौर पर पासवर्ड मजबूत रखें और स्पेशल कैरेक्टर्स यूज करें. समय समय पर पासवर्ड भी बदलते रहें.
अगर आपके घर या ऑफिस में भी TP Link या Hikvision के कैमरे लगे हैं तो क्या करें? फिलहाल इस पर सरकार की तरफ से कोई क्लैरिटी नहीं आई है. मुमकिन है सरकार आने वाले कुछ समय में इसे लेकर एडवाइजरी या गाइडलाइन जारी कर सकती है. क्योंकि हाल ही में सरकार ने सराकरी दफ्तरों में लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरों की खरीद को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी की है.

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