भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा

 भोपाल

 मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को लेकर बहुत गंभीर है इसलिए शासन ने 750 करोड़ रुपये का प्रावधान कर मुख्यमंत्री नगरीय विकास योजना बनाई है इस पंचवर्षीय योजना में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के प्रयास किये जायेंगे साथ ही प्रदेश के पांच शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के नगरीय क्षेत्र में हरित स्थान विकास और सौन्दर्यपरक पर्यावरण के लिये मुख्यमंत्री नगर विकास योजना के क्रियान्वयन का निर्णय लिया है। पांच वर्ष की इस योजना में वर्ष 2028-29 तक के लिये 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना राज्य सरकार द्वारा अपने वित्तीय संसाधनों से संचालित करेगी।

प्रदेश में विकसित होंगे नगर वन

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योजना के मुताबिक विभाग द्वारा प्रत्येक नगर वन के विकास के लिये अधिकतम 2 करोड़ 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। योजना में न्यूनतम क्षेत्रफल प्रति एकड़ 10 लाख रुपये नगर वन के सृजन के लिये नगरीय निकायों को अनुदान स्वरूप दिये जाएंगे। योजना के संबंध में नगरीय निकायों को निर्धारित प्रावधान के अनुसार प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये गये है।

मुख्यमंत्री जन सहभागिता निर्माण योजना का मिलेगा लाभ

नगरीय क्षेत्रों में जन-भागीदारी से नागरिकों की सुविधा के लिये अद्योसंरचना विकास के लिये “मुख्यमंत्री जन-सहभागिता निर्माण’’ योजना चलाने का भी निर्णय लिया है। योजना में 150 करोड़ रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से 5 वर्षों के लिये 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना में प्रतिवर्ष नगरपालिक निगमों के लिये 5 करोड़ रुपये, नगरपालिकाओं को एक करोड़ रुपये और नगर परिषदों को 25 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। जन-भागीदारी एवं राज्य शासन की आर्थिक सहायता का अनुपात समान रूप से 50-50 प्रतिशत रहेगा। योजना में नगरीय क्षेत्र के मोहल्लों में सीमेंट- कांक्रिट निर्माण, सीवरेज की उचित व्यवस्था के साथ कचरे के निपटान की उचित व्यवस्था को वरीयता दी जाएगी। योजना का क्रियान्वयन वर्ष 2028-29 तक किया जाएगा।

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सरकारी वाहन इलेक्ट्रिक वाहन में बदलेंगे

प्रदेश के पर्यावरण को शुद्ध रखने की दिशा में इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक प्रोत्साहन देने की योजना शासन ने बनाई है योजना के तहत नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शासकीय वाहनों को 80 प्रतिशत तक इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने का कार्यक्रम बनाया है। इसी क्रम में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।

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हर 20 किलोमीटर पर होगा चार्जिंग स्टेशन

योजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन के लिये हर 20 कि.मी. पर चार्जिंग स्टेशन और हाई-वे पर 100 कि.मी. पर फास्ट चार्जिंग सुविधा स्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। मध्य प्रदेश की ईवी नीति में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन खोलने पर सब्सिडी का प्रावधान भी किया गया है।

प्रदेश में चलेंगी 552 शहरी बस

इसके अलावा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजनांतर्गत 6 शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में 552 शहरी बसों के संचालन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के शहरी कार्य मंत्रालय ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सागर के बस डिपो, अद्योसंरचना के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी है।

 

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