हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बार-बार सुसाइड की धमकी को माना क्रूरता, पत्नी की अपील खारिज

बिलासपुर

पति-पत्नी के बीच विवाद के मामले में पत्नी की तलाक के खिलाफ पेश अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, आत्महत्या करने की बार-बार धमकी देना क्रूरता है। जब ऐसी बात किसी इशारे या हाव-भाव के रूप में दोहराई जाती है तो कोई भी पति-पत्नी शांति से नहीं रह सकता।

इस मामले में अपील करने वाले के पति ने यह दिखाने के लिए काफी सबूत पेश किए हैं कि पत्नी बार-बार आत्महत्या करने की धमकी देती थी और एक बार तो अपने ऊपर कैरोसिन डालकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी। क्रूरता का मतलब है पति-पत्नी के साथ इतनी क्रूरता से पेश आना, जिससे उसके मन में यह डर पैदा हो कि दूसरे पक्ष के साथ रहना उसके लिए नुकसानदायक होगा। पत्नी के काम इतने गंभीर हैं कि पति को दर्द, और तकलीफ़ हुई है, जो शादी के कानून में क्रूरता मानी जाएगी।

ये भी पढ़ें :  दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: बहू घर में रह सकती है, लेकिन मालिकाना हक नहीं

जानिए पूरा मामला

अपीलकर्ता पत्नी की 11 मई 2018 को हिदू रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। वह पति के साथ रह रही थी और उनकी शादी से उनका बेटा पैदा हुआ, जो अभी लगभग 03 साल का है। शादी के लगभग एक हफ्ते बाद पति-पत्नी मोटरसाइकिल पर डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर जा रहे थे और रास्ते में अचानक उनके सामने एक भैंस आ गई और उनका एक्सीडेंट हो गया। पत्नी ने अपने पिता को बताई। पिता ने दोनों को बागतराई बुलाया और उन्हें अधारी नवगांव की दरगाह पर ले गए, यह कहकर कि उन पर भूत का साया है और हर गुरुवार को वहां आने को कहा और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका बिजनेस अच्छा चलेगा।

शादी के बाद पति लगभग 7-8 महीने तक पत्नी को हर गुरुवार बागतराई ले जाने लगा, जिससे उसे बिजनेस में नुकसान हुआ और इस दौरान पति को पता चला कि पत्नी और उसके माता-पिता मुस्लिम हैं और उन्होंने यह बात छिपाकर शादी की थी। फिर पति ने अपील करने वाले को हर गुरुवार उसके माता-पिता के घर ले जाने से मना कर दिया। पत्नी हर गुरुवार को अपने माता-पिता के घर जाने की जिद करने लगी। पत्नी और उसके माता-पिता ने उसे मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए कहना शुरू कर दिया, जिससे पति ने मना कर दिया। इस पर पत्नी का व्यवहार बहुत बदल गया और झगड़ा करने लगी।

ये भी पढ़ें :  रेल मंत्रालय ने 10,000 इंजनों पर कवच 4.0 लगाने को मंजूरी दी

पत्नी ने अजीब तरह से व्यवहार करना शुरू कर दिया, गाली-गलौज करने लगी। 25 सितंबर 2019 को अपील करने वाली ने पति से बेवजह झगड़ा किया और केरोसीन डालकर खुद को आग लगाने की कोशिश की, जिसे पति ने किसी तरह बचाया। इसके बाद पत्नी अपने माता-पिता के घर चली गई। इस पर पति ने न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। सुनवाई उपरांत न्यायालय ने तलाक के आवेदन को मंजूर किया। इसके खिलाफ पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील पेश की थी।

ये भी पढ़ें :  जगदलपुर : प्राकृतिक आपदा पीड़ित 02 परिवारों को 08 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत

कोर्ट ने कहा, मामले में भी यह बिल्कुल साफ़ है कि पत्नी ने अपने पति को बार-बार सुसाइड करने की कोशिश करके धमकाया और यह भी बिल्कुल साफ़ है कि साल 2020 से पत्नी अपने पति से अलग रह रही है। पत्नी के व्यवहार को देखते हुए पति के लिए किसी भी मेंटल प्रेशर के साथ उसके साथ रहना मुमकिन नहीं है। इसके साथ हाईकोर्ट ने पत्नी की तलाक के खिलाफ पेश अपील को खारिज कर दिया है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment