‘अनुपमा’ में बड़ा ड्रामा: कैफे विवाद के बीच भावुक हुई अनुपमा और टूटा दर्द

 सीरियल ‘अनुपमा’ के एपिसोड की शुरुआत में अनु सभी को हेल्दी लाइफस्टाइल और हेल्दी कॉम्पिटिशन का महत्व समझाती हैं. दूसरी तरफ दिग्विजय राही को समझाते हुए कहते हैं कि मां और धरती मां बहुत दर्द सहती हैं, लेकिन जब उनका सब्र टूटता है तो सब कुछ बदल जाता है. वह राही से कहते हैं कि वह दुआ करे कि उसे कभी अनुपमा के गुस्से का सामना न करना पड़े. राही अपनी बात पर अड़ी रहती है. वह साफ कह देती है कि अगर अनुपमा शांति चाहती हैं तो उन्हें इस बार कैफे नहीं खोलना चाहिए.

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अनुज को याद कर भावुक हुई अनुपमा
इधर परितोष और पाखी, श्रुति को सपोर्ट करने लगते हैं. वहीं ख्याति को लगता है कि श्रुति जानबूझकर अनुपमा और राही के बीच दूरियां बढ़ा रही है. वह आरोप लगाती है कि श्रुति ने ‘अनुज कैफे’ सिर्फ इसलिए खोला ताकि अनुपमा रोज अनुज का नाम देखकर दुखी हो. जब अनुपमा ‘अनुज कैफे’ को देखती हैं तो वह बेहद भावुक हो जाती हैं. वह मन ही मन अनुज से राही और प्रेम को आशीर्वाद देने की प्रार्थना करती हैं. इसके बाद अनु, दिग्विजय के सामने टूट जाती हैं और कहती हैं कि भगवान ने शायद उनकी जिंदगी में खुशियां लिखना ही भूल गए. अनुपमा अपने बेटे समर को याद कर रो पड़ती हैं.

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शाह परिवार ने दिया अनुपमा का साथ
दूसरी ओर शाह परिवार अब खुलकर अनुपमा के समर्थन में खड़ा नजर आ रहा है. अंश, माही, परी और ईशानी सभी अनुपमा के साथ रहने का फैसला करते हैं. अनुपमा भी कहती हैं कि कारोबार नफरत से चल सकता है, लेकिन रिश्ते सिर्फ प्यार से चलते हैं. एपिसोड के अंत में अनुपमा को कैफे की पहली कमाई मिलती है. दिग्विजय वह पैसे अनुपमा को देते हुए कहते हैं कि घर की पहली तनख्वाह घर की महिला को ही मिलनी चाहिए. यह सुनकर अनुपमा भावुक हो जाती है.

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