महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर! सुनेत्रा पवार बनेंगी डिप्टी सीएम, इन अहम मंत्रालयों पर नजर

मुंबई
महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. बताया जा रहा है कि यह फैसला सरकार के भीतर सत्ता संतुलन और आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

सुनेत्रा पवार की नियुक्ति से महायुति सरकार में एक बार फिर नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. जानकारी के मुताबिक सुनेत्रा उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ राज्य सरकार में आबकारी और खेल मंत्रालय भी अपने पास रखेंगी. बताया जा रहा है कि कल शनिवार को शाम 5 बजे सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण होगा.

ये भी पढ़ें :  Tiger State में संकट, इस साल MP में 55 बाघों की मौत; मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट

इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की विधानमंडल दल यानी CLP की बैठक कल दोपहर 2 बजे बुलाई गई है. इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें नेतृत्व और आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर औपचारिक चर्चा हो सकती है.
 
इधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अहम जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार फडणवीस आगामी बजट सत्र से पहले राज्य के वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने हाथ में लेंगे. माना जा रहा है कि बजट तैयारियों और आर्थिक नीतियों पर मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है.

ये भी पढ़ें :  ओडिशा के बौध जिले में पुआल के ढेर में लगी आग, दो बच्चों की जलने से मौत

एनसीपी नेताओं ने रखा था प्रस्ताव
सूत्रों का कहना है कि NCP के वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव पार्टी की भविष्य की दिशा तय करने के मकसद से रखा था. खास तौर पर 7 फरवरी को होने वाले पुणे जिला परिषद चुनाव को देखते हुए यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. इसी प्रस्ताव को सुनेत्रा द्वारा स्वीकार किया गया है.

ये भी पढ़ें :  बृजभूषण शरण सिंह ने बड़ी प्रतिक्रिया दी, सीएम चयन को लेकर महायुति में कोई खींचतान नहीं, जल्द होगा फैसला

बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर पवार परिवार के भीतर भी चर्चा हुई, जिसके बाद सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करने पर सहमति दी. पार्टी के भीतर इसे संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सियासी संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

हालांकि, अब तक सरकार या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि CLP बैठक के बाद इस पर मुहर लग सकती है.

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment