पीएसी के पास जाएगी CAG की रिपोर्ट, अब केजरीवाल-सिसोदिया के लिए बढ़ेंगी मुश्किलें!

नई दिल्ली
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान लागू की गई नई शराब नीति पर नियंत्रक एवं मसहालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट को काफी समय तक लंबित रहने के बाद मंगलवार को विधानसभा में पेश किया गया। रिपोर्ट में कई तरह की गड़बडियों और इससे सरकारी खजाने को 2000.68 करोड़ रुपए के नुकसान की बात कही गई है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए प सरब्लिक अकाउंट्स कमिटी (पीएसी) के पास भेजने की बात कही है। माना जा रहा है कि इसके बाद अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के लिए नई मुश्किलों का आगाज हो सकता है, जो पहले भी इस मामले में जेल जा चुके हैं।

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दिल्ली विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने एएनआई से बातचीत में कहा कि इस रिपोर्ट पर अभी विधानसभा में और भी चर्चा होनी है। इसके बाद इसे आगे की कार्रवाई के लिए पीएएसी के पास भेजा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, गुप्ता जल्द ही इस पर 12 सदस्यीय पीएसी का गठन कर सकते हैं, जिसमें भाजपा और 'आप' के सदस्यों को शामिल किया जाएगा। पीएसी की जांच के बाद रिपोर्ट स्पीकर को सौंपी जाएगी और इसके बाद वह इस पर आगे ऐक्शन का आदेश दे सकते हैं।

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तलब किए जा सकते हैं केजरीवाल और सिसोदिया
जानकारों का कहना है कि सीएजी रिपोर्ट पीएसी के पास जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आबकारी मंत्री रहे मनीष सिसोदिया के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्हें एक बार फिर इस मामले में सवाल-जवाब का सामना करना पड़ सकता है। पीएसी की ओर से उन्हें तलब किया जा सकता है। पीएसी के पास इस मामले से जुड़े लोगों को तलब करने का अधिकार है। पीएसी की ओर से अरविंद केजरीवाल के अलावा तब के जीओएम (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) को भी बुलाया जा सकता है। पीएससी की ओर से संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसे स्पीकर को भेजा जाएगा। कमिटी इसमें सिफारिश करेगी कि आगे क्या कार्यवाही की जाए।

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