Crime News : 7 साल की मासूम बच्ची को 29 बार चाकू से गोदकर मौत के घाट उतारने वाले ‘सद्दाम’ को होगी फांसी, अदालत ने कहा- मुजरिम समाज के लिए नासूर

 

उर्वशी मिश्रा, इंदौर, 07 फ़रवरी, 2023


इंदौर। इंदौर में अदालत ने अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने 7 साल की बच्ची की हत्या के दोषी पाए गए सद्दाम को फांसी की सजा सुनाई है। सद्दाम ने बच्ची को गलत नीयत से उठाया था। विरोध करने पर उसने बच्ची पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था, जिसमें बच्ची की मौत हो गयी थी।

घर के बाहर खेल रही मासूम के हत्यारे को कोर्ट ने चार महीने के भीतर ही सुनवाई पूरी कर फांसी की सजा से दंडित किया है। दोषी के परिवार ने उसे मानसिक विक्षिप्त बताने की कोशिश की, लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उसे पूर्ण स्वस्थ माना। केस में 12 साल के ही एक मासूम की गवाही अहम साबित हुई। उसने निडरता से बतौर प्रत्यक्षदर्शी कोर्ट के सामने गवाही दी। कोर्ट ने आरोपी को बर्बर मानसिकता का मानते हुए, इस अपराध को विरल से विरलतम माना और सद्दाम को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

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वकील ने सद्दाम को बताया विक्षिप्त तो कोर्ट ने कराए टेस्ट

कोर्ट में बचाव पक्ष के वकील ने कई बार सद्दाम के मानसिक रोगी होने की बात कही। अपनी दलील के पक्ष में वकील ने कुछ डॉक्यूमेंट भी पेश किए। लेकिन कोर्ट ने डॉक्टरों की टीम से पूरी तरह से सद्दाम का परीक्षण करवाया था। कई सवालों के जवाब सद्दाम से पूछे गए और उसके कई तरह के टेस्ट लिए गए। सभी रिपोर्ट में उसकी सोचने समझने की क्षमता एक स्वस्थ व्यक्ति जैसी ही निकली। जिसके तथ्य कोर्ट में पेश किए गए थे।

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23 सितंबर 2022 का वो दिन

घटना 23 सितंबर 2022 की है। आजाद नगर क्षेत्र में सात साल की बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। पास में ही उसकी नानी खड़ी थीं, लेकिन इस सबकी परवाह किए बिना सद्दाम नामक युवक बच्ची को उनके सामने से ही उठा ले गया था। सद्दाम बच्ची को पास में हीने कहा कि मैंने बच्ची का परीक्षण किया। उसके शरीर का ऐसा कोई हिस्सा नहीं था, जहां पर चाकू से किए वार का घाव न हो। बच्ची पर 29 बार चाकू से वार किए गए थे। चेहरा, गर्दन, पीठ, पेट, सीना, पैर सहित अन्य अंगों पर चाकू के घाव दिख रहे थे।

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शरीर की ऐसी कोई जगह नहीं जहां सद्दाम ने मासूम को चाकू न मारा हो

कोर्ट में मासूम का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के बयान भी अहम साबित हुए। एमवाय अस्पताल में पीएम करने वाले डॉक्टर ने कहा कि मैंने बच्ची का परीक्षण किया। उसके शरीर का ऐसा कोई हिस्सा नहीं था, जहां पर चाकू से किए वार का घाव न हो। बच्ची पर 29 बार चाकू से वार किए गए थे। चेहरा, गर्दन, पीठ, पेट, सीना, पैर सहित अन्य अंगों पर चाकू के घाव दिख रहे थे।

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