साइबर अपराध से लड़ने के लिए देशभर में तैयार किए जा रहे साइबर कमांडो अब ग्वालियर के ट्रिपल आइटीएम कालेज में ट्रेंड होंगे

ग्वालियर
 तेजी से बढ़ते साइबर अपराध से निपटने के लिए देशभर में साइबर कमांडो तैयार किए जा रहे हैं। अब ग्वालियर इस दिशा में एक अहम केंद्र बनने जा रहा है। मुरैना रोड स्थित प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज ट्रिपल आइटीएम (ITM University) में साइबर कमांडो को प्रशिक्षण देने की संभावनाएं तलाशी गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के डायरेक्टर अरविंद कुमार अपनी टीम के साथ सोमवार को यहां पहुंचे और संस्थान का गहन निरीक्षण किया।

इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर

देशभर में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाएं अब कानून व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। डिजिटल दुनिया में बैठकर हजारों किलोमीटर दूर से किए जा रहे अपराधों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने "आइ4सी" यानी इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की है। इसका मकसद है – राज्यों की पुलिस, जांच एजेंसियों और तकनीकी संस्थानों के सहयोग से साइबर स्पेशलिस्ट तैयार करना। इसी कड़ी में सोमवार को I4C के ट्रेनिंग डायरेक्टर अरविंद कुमार और उनकी टीम ग्वालियर स्थित ट्रिपल आइटीएम यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने संस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी लैब, साइबर सिक्योरिटी कोर्सेस और फैकल्टी की उपलब्धता का गहन निरीक्षण किया। इसके साथ ही कोर्स डिजाइन, ट्रेनिंग मॉड्यूल और लॉजिस्टिक सुविधाओं पर कॉलेज प्रबंधन के साथ बैठक की गई।

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साइबर कमांडो की ट्रेनिंग होगी शुरू

राज्य साइबर सेल की टीम भी निरीक्षण में शामिल रही। टीम ने विशेष रूप से देखा कि क्या संस्थान एक राष्ट्रीय स्तरीय साइबर ट्रेनिंग सेंटर के मानकों को पूरा करता है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, संस्थान में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, जो साइबर कमांडो की ट्रेनिंग के लिए उपयुक्त हैं।

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ट्रेनिंग सेंटर का डेवलपमेंट होगा

अरविंद कुमार ने बताया कि पहले चरण में देशभर में सीमित स्थानों पर साइबर कमांडो की ट्रेनिंग दी गई है। अब दूसरे चरण में हर राज्य में एक-एक ट्रेनिंग सेंटर विकसित किया जा रहा है, ताकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिक से अधिक कर्मचारी प्रशिक्षित हो सकें। इन कमांडो को ट्रेनिंग के बाद अपनी-अपनी यूनिट में जाकर अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित करने का दायित्व होगा। इस निरीक्षण के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी। मंत्रालय की अनुमति मिलने पर ट्रिपल आइटीएम में जल्द ही साइबर कमांडो की ट्रेनिंग औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।

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