दानिश मालेवार का जलवा: दलीप ट्रॉफी में दोहरा शतक, बना नया इतिहास

नई दिल्ली
दलीप ट्रॉफी में 21 साल के दानिश मालेवार ने दोहरा शतक जड़ इतिहास रच दिया है। वह इस टूर्नामेंट में विदर्भ के लिए ऐसा कारनामा करने वाले पहले खिलाड़ी बने हैं। दानिश ने अपना यह दोहरा शतक दलीप ट्रॉफी के डेब्यू मैच में जड़ा। नोर्थ जोन रिटायर आउट होने से पहले सेंट्रल जोन के दानिश ने 203 रनों की शानदार पारी खेली। इन 203 रनों के साथ उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी 1000 रन का आंकड़ा भी छूआ। उन्होंने यह कमाल मात्र 16 पारियों में किया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन बनाने का रिकॉर्ड यशस्वी जायसवाल, रूसी मोदी और अमोल मजूमदार के नाम है जिन्होंने यह कारनामा मात्र 13-13 पारियों में किया था।

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कौन है दानिश मालेवार?
2024 के अंत में फर्स्ट क्लास में डेब्यू करने के बाद से मालेवार तेजी से उभर रहे हैं। उन्होंने अपने पहले रणजी सीजन में 783 रन बनाए, जिसमें केरल के खिलाफ फाइनल में खेली गई 153 ​​रनों की महत्वपूर्ण पारी भी शामिल है, जिसने विदर्भ को अपना तीसरा रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाया। वह उस सीज़न में यश राठौड़ और करुण नायर के बाद विदर्भ के लिए तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। अब, वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में विदर्भ के पहले शतकवीर भी बन गए हैं।

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2024 के रणजी ट्रॉफी नॉकआउट चरणों में उनका शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। मालेवार ने सेमीफाइनल में मुंबई के खिलाफ 79 रनों की जुझारू पारी खेली और फिर केरल के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 52.20 की औसत से सीजन खत्म किया और सीजन के पांचवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे।

तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले दानिश की तुलना अभी से राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा जैसे खिलाड़ियों से हो रही है। नागपुर में जन्मा यह खिलाड़ी भी द्रविड़ और पुजारा की तरह शांत स्वभाव का है, मगर गेंदबाजों को आड़े हाथ लेता है।

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केवल 10 फर्स्ट क्लास मैचों में, उन्होंने पांच बार पचास से ज्यादा का स्कोर बनाया है, कई स्कोर को शतकों में बदला है उनका औसत फिलहाल 65 के पार का है।। हालाँकि, इस युवा खिलाड़ी के लिए राह आसान नहीं रही है, क्योंकि वह एक निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं।

 

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