दिल्ली सरकार की नई गाइडलाइन: निजी ऑफिसों के कर्मचारियों का आधा हिस्सा घर से करें काम

नई दिल्ली

देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है। लगातार नौवें दिन भी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी रही जिसके बाद सरकार को कड़े एहतियाती कदम उठाने पड़े हैं। इसी के चलते दिल्ली सरकार ने निजी कंपनियों को कहा है कि उनके 50% कर्मचारी घर से ही काम करें ।

सरकार ने जारी की वर्क फ्रॉम होम की सलाह
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने निजी कार्यालयों के लिए तत्काल प्रभाव से एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। निजी कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके 50% कर्मचारी घर से काम करें (Work From Home)। यह कदम सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को कम करने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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GRAP-3 और CAQM का कड़ा रुख
यह एहतियाती उपाय केंद्र के ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण 3 (Stage 3) के तहत आता है। सरकार का यह निर्देश वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के एक औपचारिक निर्देश के बाद आया है। CAQM ने प्रदूषण प्रतिक्रिया ढांचे को और कड़ा करते हुए यह निर्णय लिया है। यह सख्ती सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के उन निर्देशों पर आधारित है जिनमें प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया था।

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GRAP-3 के तहत सामान्य तौर पर लगाए जाने वाले कुछ अन्य प्रतिबंध:

गैर-आवश्यक निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध।

ईंट भट्टों, हॉट मिक्स प्लांट्स और स्टोन क्रशर के संचालन पर प्रतिबंध।

गैर-ज़रूरी ट्रकों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक।

लगातार खराब होती हवा ने दिल्ली में स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है जिसके चलते सरकार और पर्यावरण एजेंसियां सख्त कदम उठाने को मजबूर हैं।

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