राजस्थान में लागू होगा एनर्जी एफिशिएंसी बिल्डिंग कोड-2026, सोलर और ग्रीन कंस्ट्रक्शन पर जोर

जयपुर
राजस्थान में भवन निर्माण सेक्टर में ऊर्जा दक्षता (एनर्जी एफिशिएंसी) और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जाएगा. मॉल, होटल, कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स हो या मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, इन्हें ऊर्जा बचाने वाले और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा. राजस्थान सरकार ने एनर्जी कंजर्वेशन और सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड-2026 लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है. इसके लागू होने के बाद बिजली बचाने, सोलर एनर्जी अपनाने और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी. यही नहीं, इन नियमों का पालन करने के बाद भवन में अतिरिक्त निर्माण की अनुमति भी मिल जाएगी.   

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योजना के बारे में समझिए
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम योजना पर काम कर रहा है. ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने इसे अंतिम रूप देने के निर्देश दिए है. इसके तहत छत का आधा हिस्सा सोलर प्लांट के लिए रखना होगा. बड़े भवनों में ईवी चार्जिंग स्टेशन और अलग पार्किंग अनिवार्य होगा. साथ ही उल्लंघन करने पर भवन मालिकों को जुर्माना भी भरना पड़ सकता है.  

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इन कर्मशियल बिल्डिंग पर लागू होगा नियम
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने समीक्षा बैठक में बताया कि यह कोड मुख्य रूप से उन व्यावसायिक भवनों पर लागू होगा, जिनका बिल्ड अप एरिया 2000 वर्ग मीटर या कनेक्टेड लोड 100 किलोवाट या उससे अधिक हो. कनेक्टेड डिमांड 120 केवीए या उससे अधिक हो.

पहली बार मिलेगी ऐसी छूट
पर्यावरण-अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए नियमों में पहली बार विशेष वित्तीय व तकनीकी लाभ प्रस्तावित किए गए हैंय कोड के प्लस मानकों का पालन करने वाले भवनों को 5 प्रतिशत और सुपर बिल्डिंग कोड मानकों को पूरा करने वाले भवनों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिल्ट एरिया रेश्यो दिए जाने का प्रावधान है. इसे और अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने के लिए बहुमूल्य सुझाव भी मांगे गए हैं.

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