लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइव मॉनिटरिंग और इंटरकॉम सिस्टम की सुविधा

लखनऊ

यूपी में मेट्रो का नया ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिहाजा और उन्नत तकनीक से युक्त होगा। सफर के दौरान समस्या आने पर यात्री कोच में लगे इंटरकॉम से जब ऑपरेशन कंट्रोल और सिक्योरिटी कंट्रोल रूम से संपर्क करेगा तो कोच की लाइव फुटेज इन दोनों ही स्थानों पर तैनात कर्मचारी देख सकेंगे। ऐसे में उस तक तुरंत मदद पहुंचाने में आसानी होगी। लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज-1 बी) के लिए 15 अत्याधुनिक ट्रेन सेट और सिग्नलिंग सिस्टम के डिजाइन और निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।

यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता हुए सभी कोचों में पैसेंजर इमरजेंसी इंटरकॉम (पीईआई बटन) की सुविधा हलगी। इस बटन को दबाते ही यात्री सीधे ट्रेन ऑपरेटर से संपर्क कर सकेंगे और अपनी समस्या बता सकेंगे। जिस कोच से कॉल किया जाएगा उसकी लाइव फुटेज ड्राइवर केबिन, ऑपरेशन कंट्रोल रूम और सिक्योरिटी कंट्रोल रूम में दिखाई देगी। ट्रेन के अगले स्टेशन पर पहुंचते ही सुरक्षा टीम तुरंत मदद के लिए मौजूद रहेगी।

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एआई आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस …
मेट्रो ट्रेन के ट्रेन कंट्रोल एंड मैनेजमेंट सिस्टम (टीसीएमएस टीजीसी) को कम्प्यूटरीकृत मेंटेनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) से जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था में सर्वर सीधे ट्रेनों से जुड़ा रहेगा, जिससे ट्रेनों के डेटा की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और डाउनलोडिंग होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से प्रिवेंटिव और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस किया जाएगा। इसमें किसी भी फाल्ट का पता चलते ही स्वतः जॉब कार्ड तैयार होने की सुविधा भी होगी।

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यूपीएमआरसी के एमडी, सुशील कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर चलने वाली ट्रेनें सुरक्षा और ऊर्जा बचत में विश्वसनीय और बेहतर होंगी।

ड्राइवर लेस ट्रेन का संचालन होगा संभव
ट्रेनें अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (यूटीओ) ) मोड पर संचालित होंगी, जिससे उनका संचालन पूरी तरह "ड्राइवर लेस" होगा। इस प्रणाली के तहत ट्रेनें कम्युनिकेशन-बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) जैसी उन्नत तकनीक की मदद से स्वतः संचालित होंगी। गति भी नियंत्रित करेंगी। साथ ही ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) प्रणाली से सुरक्षित दूरी बनाते हुए चलेंगी। किसी भी तकनीकि या अन्य समस्या की स्थिति में स्वतः ब्रेक लग जाएगा।

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ट्रेनों में सीओटू सेंसर आधारित एचवीएसी सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम से एसी की कूलिंग अपने आप एडजस्ट करेगा। इससे यात्रियों को बेहतर आराम मिलेगा और ऊर्जा की बचत भी होगी। लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (चारबाग से बसंतकुंज) पर बिना ड्राइवरों वाली ट्रेनें दौड़ेंगी। कंट्रोल सिस्टम से इनका संचालन होगा, जिससे इससे सुरक्षा और पुख्ता होगी। मेट्रो प्रशासन ने शुक्रवार को 15 ड्राइवरलेस ट्रेन सेट और सिग्ननलिंग सिस्टम के डिजाइन और निर्माण के लिए टेंडर जारी किया।

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