एमपीसीडीएफ तथा सहकारी दुग्ध संघों की गतिविधियों के एण्ड टू एण्ड डिजिटाइलेशन की ओर पहला कदम

भोपाल
एमपी स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (एमपीसीडीएफ) भोपाल में राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा प्रबंधन संभालने के बाद एमपीसीडीएफ द्वारा डिजिटाइलेशन की ओर कदम बढा दिए गए है। जिससे इसकी प्रमुख गतिविधियों को ऑनलाइन संपादित किया जा सकेगा।

राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की मदद से मध्य प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) ने अपनी मुख्य गतिविधियों को डिजिटल बनाने के लिए ईआरपी सिस्टम लागू कर दिया है। 

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इसके अलावा, एनडीडीबी ने एक मोबाइल ऐप आधारित दूध संग्रहण प्रणाली विकसित की है, जिससे किसानों को दूध के सही मूल्य और समय पर भुगतान मिल सकेगा। यह ऐप ईआरपी सिस्टम से जुड़ा होगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो जाएगी। यह एप स्वचालित दूध संग्रहण प्रणाली की स्थापना लागत को भी कम करेगा। इससे डेयरी संघों को आर्थिक फायदा होगा। इस मोबाइल ऐप को इंदौर दूध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा लॉन्च किया गया, जो डेयरी क्षेत्र में टेक्नोलॉजी आधारित परिवर्तन की शुरुआत का संकेत है।

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एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी ने ने इस डिजिटल पहल को पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि इसे अन्य दूध संघों में भी जल्द लागू किया जाएगा। यह पहल भारत के डेयरी क्षेत्र में नया मील का पत्थर साबित होगी, जिससे किसानों को सही मूल्य और समय पर भुगतान मिलेगा, और दूध संग्रहण प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनेगी।

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यह डिजिटल बदलाव मध्यप्रदेश में सहकारी डेयरी क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन को सुव्यवस्थित करने, दक्षता बढ़ाने और अधिक जवाबदेही लाने में सक्षम रहेगा।

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