पेट्रोल-डीजल और ATF पर सरकार ने बढ़ाया विंडफॉल टैक्स, जानिए क्यों लिया गया फैसला और क्या होगा असर

नई दिल्ली

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर शांति की उम्मीद जाग रही है. डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के बाद अमेरिका और ईरान में बातचीत को लेकर लगातार अपडेट आ रहे हैं. इन सबके बीच कच्चे तेल की कीमतें भी भरभराकर गिर रही हैं. लेकिन दूसरी ओर भारत में सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल यानी ATF पर टैक्स बढ़ाया है. सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए फ्यूल एक्सपोर्ट पर विंडफॉल गेन टैक्स बढ़ा दिया है। 

कहां कितना बढ़ा TAX? 
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने सोमवार को ही पेट्रोल पर निर्यात शुल्क तत्काल प्रभाव से 2.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 3.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इसके अलावा दो सप्ताह पहले डीजल के निर्यात पर लगने वाला कुल शुल्क को 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर था, जिसे दो अलग-अलग शुल्कों के साथ अब बढ़ाकर 25.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। 

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सिर्फ इतना ही नहीं ATF पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स भी 14.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर किया गया है. इससे पहले सरकार ने जून महीने में भी विंडफॉल टैक्स में इजाफा किया था और Diesel-ATF पर ये टैक्स बढ़ाया गया था, जबकि पेट्रोल एक्सपोर्ट पर लगने वाले शुल्क को यथावत रखा गया था। 

घरेलू मार्केट में क्या असर? 
यहां बता दें कि भारतीय उपभोक्ताओं और आम जनता पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. दरअसल, सरकार के विंडफॉल टैक्स बढ़ाने का उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना होता है. जबकि निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों का अत्यधिक फायदा उठाने से रोकने के लिए ये कदम उठाया जाता है. इससे घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने में मदद मिलेगी। 

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क्यों लगता है 'विंडफॉल टैक्स'? 
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है. अगर ग्लोबल मार्केट में के दाम घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों से ज्यादा होते हैं, तो रिफाइनरियां निर्यात बढ़ाने लगती हैं, ताकि उन्हें ज्यादा मुनाफा हो. सरकार इस पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स लगा देती है. वहीं जब ग्लोबल मार्केट में इनके भाव कम हो जाते हैं, तो कंपनियां खुद ही एक्सपोर्ट कम करने लगती हैं.   ऐसी स्थिति आने पर सरकार विंडफॉल टैक्स को कम करने या हटाने का फैसला लेती है। 

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पहली बार कब लगा था ये टैक्स? 
भारत ने 1 जुलाई 2022 को पहली बार विंडफॉल टैक्स लागू किया था. ये वो समय था जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के चलते तेल की कीमतों में आग लगी हुई थी. इस टैक्स से 2022 में 250 अरब रुपये की वसूली की गई थी. लेकिन ये वसूली 2023-24 में घटकर 130 अरब रुपये रह गई. वहीं दिसंबर 2024 में इस टैक्स को खत्म कर दिया गया था. लेकिन, फिर ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान तेल की कीमतों में ताबड़तोड़ उछाल के बाद मार्च 2026 में सरकार ने इसे फिर से लागू कर दिया। 

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