IAS Factory: राजस्थान के इस गांव का एक परिवार बना ‘आईएएस फैक्ट्री’, UPSC पास करने वालों की लगी लाइन

नई दिल्ली

आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अफसर बनाने वाली यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। हर साल करीब 8 से 10 लाख अभ्यर्थी सालोंसाल तैयारी कर इसका फॉर्म भरते हैं लेकिन करीब 1000 का ही चयन हो पाता है। यानी सक्सेस रेट 0.1 फीसदी से 0.2 फीसदी तक ही। लेकिन राजस्थान के एक घर में ये तथ्य और आंकड़े लागू नहीं होते। सवाई माधोपुर जिले के बामनवास स्थित नाहरसिंहपुरा गांव का एक परिवार इन दिनों 'IAS फैक्ट्री' के नाम से जाना जा रहा है। इस परिवार ने अब तक 6 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी देश को दिए हैं।

अर्नब प्रताप सिंह ने यूपीएससी 2022 परीक्षा में ऑल इंडिया 430वीं रैंक हासिल की थी। अर्नब का सफर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, लखनऊ से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के साथ शुरू हुआ। उनकी स्कूली शिक्षा सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS), लखनऊ और दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), दिल्ली से हुई। अर्नब प्रताप सिंह के पिता बाबूलाल मीणा 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश में सेवारत हैं। परिवार की मुखिया वीना मीणा भी 1993 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वीणा मीणा भी उत्तर प्रदेश कैडर में सेवारत हैं।

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ताऊजी ने शुरू की थी IAS बनने की परंपरा
 खबर के मुताबिक अर्नब के ताऊ डॉ. बट्टीलाल मीणा भी सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने परिवार में इस परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अर्नब के ताऊजी की बेटी और उनके एक अन्य चाचा की बेटी शेफाली ने 2016 में यूपीएससी परीक्षा पास की और आईएएस अधिकारी बनीं। ये प्रतिभाशाली बहनें अब गुजरात कैडर में कार्यरत हैं।

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यूपी का मिश्रा परिवार भी है मिसाल
राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के लालगंज कस्बे का मिश्रा परिवार सिविल सेवा परीक्षा में अपनी ऐतिहासिक सफलता के लिए पूरे देश में जाना जाता है। इस परिवार के चार भाई-बहनों ने UPSC परीक्षा पास कर IAS और IPS अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी सफलता आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस सफलता की शुरुआत योगेश मिश्रा ने वर्ष 2013 में की, जब उन्होंने UPSC परीक्षा पास की।

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इसके बाद बहन माधवी मिश्रा ने वर्ष 2015 में UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। फिर बड़ी बहन क्षमा मिश्रा ने आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हुए वर्ष 2016 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई। सबसे छोटे भाई लोकेश मिश्रा ने भी बाद में UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनकर परिवार की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को पूरा किया। आज मिश्रा परिवार की सफलता पूरे प्रतापगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय है।

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