शक्ति से सुरक्षा की ओर: सृजन कार्यक्रम का भव्य समापन

भोपाल .

राजधानी के निशांतपुरा थाना क्षेत्र में कम्युनिटी पुलिसिंग की भावना को धरातल पर उतारते हुए आयोजित 16 दिवसीय 'सृजन' कार्यक्रम का भव्य समापन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस विभाग और मुस्कान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में गांधीनगर, आरिफ नगर, कमला नगर और एहसान नगर के लगभग 350 बच्चों ने भाग लेकर आत्मरक्षा और व्यक्तित्व विकास के गुर सीखे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. विनीत कपूर (DIG),मती किरण लता केरकेट्टा (DIG), मयूर खंडेलवाल (DCP ZONE-4), अमृत मीणा (AIG) और अक्षय चौधरी (ACP) निशातपुरा उपस्थित रहे। साथ ही थाना प्रभारी (TI) मनोज पटवा, एस.आई. अशोक शर्मा एवं निशातपुरा थाने का समस्त स्टाफ, मुस्कान संस्था, यूथ फैसिलिटेटर्स सहित उदय संस्था के स्टाफ की विशेष उपस्थिति रही।

समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ, जिसके बाद बच्चों ने मराठी और गोंडी लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक विविधता का परिचय दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मार्शल आर्ट और पावर वॉक का प्रदर्शन रहा। बच्चों ने अपनी शारीरिक क्षमता और आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन करते हुए 'शक्ति से सुरक्षा की ओर' के संकल्प को जीवंत कर दिया।

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी

बच्चों ने जब पुलिस की वर्दी पहनकर अनुशासित परेड की, तो हर कदम के साथ यह एहसास गहरा होता गया कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती—उसे बस अवसर और विश्वास चाहिए।

कार्यक्रम का सबसे सशक्त, सबसे भावनात्मक क्षण तब आया, जब DCP जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने अपनी पावर वॉक करती नन्ही बच्ची को, जो स्वयं पुलिस यूनिफ़ॉर्म में थी, अपनी IPS कैप महिला निरीक्षक के हाथों पहनवाई। यह दृश्य केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि बच्चों के लिए एक जीवित सपना था कि वे भी एक दिन इसी वर्दी में, इसी गरिमा के साथ समाज और देश की सेवा कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें :  वक्फ बोर्ड नोटिस जारी कर कहा- '7 दिन के अंदर जमीन खाली करें...', ऐसा न करने पर कानूनी होगी कार्रवाई, मचा हड़कंप

उस एक पल ने बच्चों के मन में आत्मविश्वास बोया, उनकी आँखों में भविष्य जगाया और यह संदेश दे दिया कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और संकल्प हो तो कोई भी बच्चा अपने सपनों तक पहुँच सकता है। यही क्षण इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बना।

प्रशिक्षण के दौरान आए बदलावों पर चर्चा करते हुए बच्चों ने बताया कि इन 16 दिनों ने उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को विकसित किया है। एक प्रतिभागी की माता ने भावुक होकर बताया कि कैसे उनकी बेटी अब पढ़ाई, घर के काम और प्रशिक्षण के बीच बेहतरीन संतुलन बना रही है।

मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी को दूर करने और मजबूत पारिवारिक संबंध बनाने पर जोर दिया, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके।

ये भी पढ़ें :  धान उपार्जन की 9860 करोड़ से अधिक राशि किसानों के खाते में अंतरित

कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षक गोविंद और अन्य समन्वयकों ने प्रशिक्षण की चुनौतियों और बच्चों के व्यवहार में आए सुधारों की रिपोर्ट साझा की। सभी 350 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

यह आयोजन केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि पुलिस एवं आमजन के मध्य बढ़ते विश्वास, सहयोग एवं सहभागिता का सशक्त प्रतीक है।

‘सृजन’ कार्यक्रम का उद्देश्य:

‘सृजन’ मात्र एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि सामुदायिक सुरक्षा की दिशा में एक मानवीय पहल है। इसके माध्यम से पुलिस प्रशासन बस्तियों के बच्चों तक पहुँचकर उन्हें मार्शल आर्ट, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं जीवन कौशल (Life Skills) का प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिससे वे आत्मविश्वासी, सक्षम एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकें और पुलिस को अपना विश्वसनीय साथी समझें।

 

Share

Leave a Comment