हरियाणा सरकार ने 370 भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी की

नई दिल्ली
हरियाणा के राजस्व विभाग ने भ्रष्ट पटवारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों की तहसीलों में कार्यरत भ्रष्ट पटवारियों का पूरा लेखा-जोखा तैयार किया है, ताकि उनकी पहचान की जा सके और उनपर कार्रवाई की जा सके। सीएम नायब सिंह सैनी की सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 370 भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी की है। राजस्व विभाग में तैनात भ्रष्ट पटवारियों की जिलेवार सूची जारी की गई है।

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हरियाणा के राजस्व विभाग द्वारा तैयार किए गए लेखा-जोखे में यह भी सामने आया कि भ्रष्ट पटवारी जमीन के महत्वपूर्ण कार्यों, जैसे कि खाते तकसीम, पैमाईश, इंतकाल, रिकॉर्ड दुरुस्त करना, और नक्शा बनवाने के नाम पर भ्रष्टाचार करते हैं। इन कार्यों के दौरान पटवारी सरकारी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर नागरिकों से अवैध रूप से पैसे वसूलते हैं।

इसके अलावा, इन पटवारियों के साथ सहायक के रूप में प्राइवेट व्यक्ति भी जुड़े होते हैं, जो इनके दलाल के तौर पर काम करते हैं। ये दलाल पटवारियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क को मजबूत करते हैं, जिससे आम नागरिकों को जमीन संबंधित कार्यों के लिए अतिरिक्त पैसे देने पड़ते हैं।

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हरियाणा के राजस्व विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, पूरे प्रदेश में कुल भ्रष्ट पटवारियों की संख्या 370 है। वहीं, कैथल जिले में सबसे ज्यादा भ्रष्ट पटवारी पाए गए हैं, जिनकी संख्या 46 है, जिनमें से 7 पटवारियों ने अपने सहायक रखे हुए हैं। यह आंकड़ा विभाग के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।

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वहीं, सोनीपत में 41 भ्रष्ट पटवारी हैं, जिनमें से 15 ने अपने सहायक रखे हुए हैं। महेंद्रगढ़ में 36 भ्रष्ट पटवारी हैं, जिनमें से 20 ने सहायक रखे हुए हैं। वहीं, गुरुग्राम में 26 पटवारियों में से 20 ने अपने सहायक रखे हुए हैं। यह आंकड़ा विभाग के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। राजस्व विभाग ने सभी जिलों के डीसी से इन पटवारियों पर कार्रवाई कर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।

 

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