धार में दो नाबालिग दोस्तों की नहर में डूबने से मौत, खबर सुनकर बच्चे के पिता को आया हार्ट अटैक, जिससे उनकी भी जान चली गई

धार

धार जिले के मनावर से 15 किलोमीटर दूर ओंकारेश्वर नहर में गुरुवार शाम नहाने गए दो नाबालिग दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच दोनों के शव नहर से बाहर निकाले गए। घटना ग्राम अंजदीकोट के पास हुई। दोनों नाबालिग बच्चे ग्राम सिंघाना के रहने वाले थे। उनके घर से नहर की दूरी महज आधा किलोमीटर है।

ये घटना गुरुवार शाम करीब 4.30 बजे मनावर से करीब 15 किलोमीटर दूर ओंकारेश्वर नहर की है। मृतक बच्चों के नाम मोहम्मद हनीफ (12) पिता इस्लामुद्दीन खान और आतिफ (15) पिता अहमद खान है। दोनों ही सिंघाना गांव के रहने वाले थे। जहां हादसा हुआ वो जगह इनके गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर ही है।

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स्थानीय लोगों को जब हादसे की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच गए। कुछ ग्रामीणों ने फौरन नहर में छलांग लगाकर दोनों बच्चों को करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद शाम करीब 7 बजे बाहर निकाला।

सिंघाना चौकी प्रभारी प्रकाश सरोदे ने बताया कि मोहम्मद हनीफ (12) पिता इस्लामुद्दीन खान और आतिफ (15) पिता अहमद खान की डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चे रस्सी पकड़कर नहा रहे थे, लेकिन अचानक रस्सी छूट जाने के कारण गहरे पानी में चले गए और डूब गए। नहर किनारे खड़े दो अन्य दोस्तों ने यह घटना देखी और बच्चों के परिजनों को घर जाकर इसकी जानकारी।

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पिता को आया हार्ट अटैक
हादसे की खबर सुनते ही आतिफ के पिता अमजद (38) को हार्ट अटैक आ गया, जिससे उनकी भी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय निवासियों ने दोनों बच्चों के शवों को पानी से निकालकर सरकारी अस्पताल पहुंचाया। एक साथ हुई तीन मौतों से गांव में मातम पसर गया है।   

बेटे की मौत की खबर सुन पिता को आया हार्ट अटैक मृतक बच्चों में आतिफ 9वीं, जबकि मोहम्मद हनीफ 7वीं क्लास में पढ़ता था। हादसे की खबर सुनते ही आतिफ के पिता अमजद (38) को हार्ट अटैक आ गया। इससे उनकी भी मौत हो गई। फिलहाल दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन दोनों बच्चों और एक बच्चे के पिता के अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे हैं।

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परिजनों ने नहीं कराया बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम स्थानीय लोगों ने दोनों बच्चों के शवों को पानी से निकालकर सरकारी अस्पताल पहुंचाया। रात 9 बजे तक परिजन पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर रहे थे। इन्होंने वकील के जरिए पुलिस को लिखकर दिया है कि पोस्टमॉर्टम न किया जाए।

 

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