राजा भोज एयरपोर्ट पर लगेगा हाईटेक MSSR रडार, विमानों की सुरक्षा होगी और मजबूत

भोपाल
 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों की सुरक्षा और विमानों की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने यहां अत्याधुनिक 'मोनोपल्स सेकेंडरी सर्विलांस रडार' लगाने का काम शुरू कर दिया है। इस नई तकनीक के आने से न सिर्फ विमानों की पहचान तेजी से हो सकेगी, बल्कि सेंट्रल इंडिया के इस प्रमुख हवाई हब पर एयर ट्रैफिक सेफ्टी भी पहले से कई गुना मजबूत हो जाएगी।

सितंबर तक शुरू हो जाएगी सेवा
यह नया रडार सिस्टम एयरपोर्ट के पुराने बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। राजा भोज एयरपोर्ट के डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि इस रडार की स्थापना का काम तेजी से चल रहा है और इसे आगामी सितंबर तक पूरी तरह से कमीशन कर दिया जाएगा। वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे पुराने सिस्टम की तुलना में MSSR रडार विमानों की स्थिति और उनकी पहचान से जुड़ा बेहद सटीक डेटा देने में सक्षम है।

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राजा भोज एयरपोर्ट पर MSSR तकनीक की शुरुआत सर्विलांस क्षमता और यात्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक समय पर उठाया गया कदम है। यह रीयल-टाइम डेटा भविष्य में ऑटोमेशन और एडवांस सर्विलांस टूल्स को अपनाने का रास्ता साफ करेगा, जिससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।

रामजी अवस्थी, डायरेक्टर (राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल)

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हवाई दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम
एयरपोर्ट डायरेक्टर के अनुसार, रडार से मिलने वाली सटीक जानकारी की मदद से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को आसमान की वास्तविक स्थिति समझने में आसानी होगी। किसी भी आपातकालीन या असामान्य स्थिति में प्रतिक्रिया देने का समय घटेगा और विमानों की गलत पहचान का जोखिम पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसके अलावा, यह रडार 'कोलिजन-अवॉयडेंस' (विमानों को आपस में टकराने से रोकने) और पड़ोसी एयरस्पेस के साथ बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगा।

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उड़ानों की लेटी-लतीफी से मिलेगी राहत
क्षेत्र में लगातार बढ़ती उड़ानों की संख्या को देखते हुए यह अपग्रेड बेहद जरूरी माना जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रणाली से व्यस्त समय के दौरान रनवे पर विमानों के उतरने और उड़ान भरने के क्रम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा। इससे कमर्शियल और जनरल विमानों का संचालन सुगम होगा, जिससे फ्लाइट्स की ऑपरेशनल देरी में कमी आएगी और यात्रियों का कीमती समय बचेगा।

 

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