कैंसर की समय पर पहचान समुचित उपचार के लिये अहम : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल

विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) के अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर जैसे गंभीर रोग की समय पर पहचान समुचित उपचार के लिये अहम है। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत विज़न से प्रेरणा लेते हुए निरंतर प्रयासरत है। हर नागरिक को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ और किफायती रूप से मिल सकें। इसी दिशा में राज्य और केंद्र सरकार ने कैंसर उपचार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में कैंसर देखभाल के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। कैंसर की दवाओं को सुलभ और सस्ती दर में उपलब्ध कराने के प्रावधान हैं। इसके अलावा, हर ज़िले में कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया गया है, जिससे कैंसर डायग्नोसिस और उपचार की सुविधा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को मिल सकेगी। राज्य सरकार भी इन केंद्रों को स्थापित करने के लिए प्राथमिकता दे रही है।

ये भी पढ़ें :  छतरपुर जिले के बिजावर बसस्टैंड पर पेटीज के ठेले पर अचानक छोटा गैस सिलेंडर ब्लास्ट, करीब 20 लोग झुलसे

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल डिस्पेंसरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सिविल अस्पतालों में सर्वाइकल कैंसर की वीआईए जांच निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इस जांच को प्रत्येक पांच वर्ष में कम से कम एक बार करवाना आवश्यक है। जिला अस्पतालों में बायोप्सी सैंपलिंग और मेडिसिन कीमोथेरेपी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण सुनिश्चित करते हुए कैंसर के इलाज को मेडिकल कॉलेजों और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जैसी संस्थाओं में सुलभ बनाया गया है। पहले जहां कैंसर का उपचार केवल निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध था, अब राज्य के विभिन्न जिलों में, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं।

ये भी पढ़ें :  रायपुर : आने वाले दस वर्षों की जरूरत के हिसाब से पानी की व्यवस्था पर हो काम– विष्णु देव साय

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर कैंसर सहित असंचारी रोगों की पहचान के लिए सीबैक फॉर्म भरवाए गए हैं। जिसके आधार पर एनसीडी पोर्टल के माध्यम से मरीजों का उपचार एवं फॉलो-अप सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज, हाईपरटेंशन और कैंसर जैसे असंचारी रोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए इनकी समय पर पहचान और समुचित उपचार आवश्यक है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत कैंसर के उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है। अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक भी इस योजना के तहत महंगे इलाज का लाभ बिना किसी वित्तीय बोझ के उठा सकते हैं। जिला अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत डायग्नोसिस सुविधाएं पात्र हितग्राहियों के लिए निःशुल्क तथा अन्य नागरिकों के लिए रियायती दरों पर उपलब्ध हैं।

ये भी पढ़ें :  छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति का ऐलान, 'नक्सली' बन सकते हैं उद्योगपति, बस करना होगा ये काम

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "सभी के लिए स्वास्थ्य" विज़न को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और बजट प्रावधान महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाएं और किसी भी प्रकार के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। राज्य सरकार हर नागरिक के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संकल्पित है।

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment