मध्यप्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदली, 18 फरवरी से फिर ठंड का दौर, भोपाल, इंदौर-जबलपुर में सुबह-रात सर्दी का असर

भोपाल
 मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदली है। शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हुई। मौसम विभाग का कहना है कि 17 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय की तरफ एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से 18 फरवरी से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में फिर से गिरावट होने का अनुमान है, जो अगले तीन से चार दिन तक रह सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव था। इस वजह से प्रदेश में ठंड का असर देखने को मिला, लेकिन यह सिस्टम अब लौट गया है। इसलिए शुक्रवार से तापमान में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस वजह से धार, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, मंडला में पारा 30 डिग्री के पार पहुंच गया। रतलाम में 2.2 डिग्री की बढ़ोतरी के बाद तापमान 32.2 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 28.4 डिग्री, इंदौर में 29.1 डिग्री, ग्वालियर में 29.5 डिग्री, उज्जैन में 30.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 29.3 डिग्री दर्ज किया गया।

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17 फरवरी से नया सिस्टम, प्रदेश में भी असर

मौसम वैज्ञानिक रैकवार ने बताया कि, 17 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय की तरफ एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से 18 फरवरी से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में फिर से गिरावट होने का अनुमान है, जो अगले तीन से चार दिन तक रह सकता है।

वहीं, अब 17 फरवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय की तरफ एक्टिव होने की संभावना है। इस वजह से 18 फरवरी से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में फिर से गिरावट होने का अनुमान है, जो अगले तीन से चार दिन तक रह सकता है। आज शनिवार को दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। रात और सुबह के समय ठंडक बनी रहेगी। 16 फरवरी को भी दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होंगे मौसम वैज्ञानिक रैकवार ने बताया कि, फरवरी में कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होते हैं। अबकी बार भी ऐसा ही है। इस वजह से पारे में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। फिलहाल बारिश होने के आसार नहीं है।

अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 15 फरवरी: दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी। 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। रात और सुबह के समय ठंडक बनी रहेगी। 16 फरवरी: दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

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फरवरी में 10 साल का ट्रेंड… तीनों मौसम का असर

प्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा, जबकि रात में 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इससे पहले 5 डिग्री के नीचे ही रहा है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है।

इस बार 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर

इस बार शुरुआती दो महीने यानी, नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा।

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वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए।

अब बात जनवरी की। शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है।

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