सपने में पितर दिखना: शुभ है या अशुभ? जानें गरुड़ पुराण के अनुसार क्या है इसका महत्व

 नई दिल्ली
सपनों का हमारे वास्तविक जीवन से बहुत गहरा संबंध माना जाता है. ये सिर्फ रात में दिखने वाली कल्पनाएं नहीं बल्कि आने वाले समय के संकेत भी माने जाते हैं. कुछ सपने शुभ समाचार लेकर आते हैं, जबकि कुछ इतने विचलित करने वाले होते हैं कि नींद टूट जाती है. स्वप्न शास्त्र बताता है कि हर दृश्य के पीछे कोई न कोई संकेत छिपा होता है. कई बार यही सपने मन में सवाल पैदा कर देते हैं और पूरी रात बेचैनी बनी रहती है.

अगर सपने में कोई मृत परिजन या पितर दिख जाए तो स्वप्न शास्त्र में उसका मतलब भी कुछ अलग ही माना जाता है. यह सवाल भी उठता है कि सपने में मृत परिजन दिखना शुभ होता है या अशुभ. दरअसल, इन सभी प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर गरुड़ पुराण में मिलता है. गरुड़ पुराण 18 प्रमुख पुराणों में से एक है, जिसमें भगवान विष्णु और गरुड़ के बीच संवाद है. गरुड़ पूछते हैं कि सपनों में पितरों या दिवंगत परिवारजनों के दिखाई देने का क्या संकेत होता है? इस पर भगवान विष्णु विस्तृत रूप से समझाते हैं.

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सपने में पितरों का खुश दिखना

भगवान विष्णु कहते हैं कि, 'अगर सपने में पूर्वज शांत, खुश या प्रसन्न दिखाई दें तो यह बहुत शुभ संकेत माना जाता है. ऐसा सपना बताता है कि पितर अपने परिवार द्वारा किए गए कर्मों से बहुत संतुष्ट हैं और ऐसा करके वह अपनी संतान और वंश को आशीर्वाद दे रहे हैं. सपने में पूर्वजों का मुस्कुराना या संतुष्ट दिखना इस बात का संकेत भी है कि उनकी आत्मा को शांति मिल चुकी है और परिवार पर उनकी कृपा बनी हुई है.

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सपने में पूर्वज भोजन या पानी मांगें

अगर सपने में पूर्वज भोजन, पानी या किसी चीज की मांग कर रहे होते दिखाई दें, तो इसका मतलब है कि वे कुछ कर्तव्य पूरे करने का संकेत दे रहे हैं. यह सपना बताता है कि हमें अपने पूर्वजों के लिए जरूरी कर्म और पूजा-विधि सही तरीके से करनी चाहिए.  

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जब सपने में पूर्वज दुखी या बेचैन दिखें

अगर पूर्वज सपने में दुखी, चिंतित या बेचैन दिख रहे हैं तो यह इस बात का संकेत है कि उनकी आत्मा को शांति दिलाने के लिए उचित पूजा-अनुष्ठान किए जाने चाहिए, जैसा शास्त्रों में बताया गया है. ऐसे मामलों में नारायणबली, नागबली और त्रिपिंडी श्राद्ध बहुत प्रभावी माने जाते हैं. इसके अलावा, पूर्वजों की शांति के लिए जरूरतमंदों को दान करना भी शुभ माना जाता है.

 

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