इटली का फुटबॉल ‘सूर्यास्त’, लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप से बाहर, बोस्निया ने पेनल्टी शूटआउट में रचा इतिहास

नई दिल्ली
चार बार की वर्ल्ड चैम्पियन इटली के लिए यह हार सिर्फ एक मैच का नतीजा नहीं, बल्कि एक युग के ढहने जैसा है. बोस्निया एंड हर्जेगोविना ने जेनिका (Zenica,  Bosnia and Herzegovina)) में खेले गए प्लेऑफ फाइनल में पेनल्टी शूटआउट में हराकर इटली को लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया.

मैच की शुरुआत इटली के पक्ष में रही, जब मोइस कीन ने शुरुआती बढ़त दिलाई. लेकिन खेल ने करवट तब ली, जब डिफेंडर एलेसेंड्रो बास्टोनी को रेड कार्ड दिखा दिया गया. 10 खिलाड़ियों के साथ जूझती इटली पर दबाव बढ़ता गया और 79वें मिनट में हारिस ताबाकोविच ने बराबरी का गोल दाग दिया.

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एक्स्ट्रा टाइम में भी कोई गोल नहीं हुआ और मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक जा पहुंचा. यहां इटली के पियो एस्पोसिटो और ब्रायन क्रिस्टांटे अपने मौके चूक गए, जबकि अमेरिका में जन्मे एस्मीर बाजराक्तारेविच ने निर्णायक पेनल्टी ठोककर बोस्निया को ऐतिहासिक जीत दिला दी.

हार के बाद इटली के डिफेंडर लियोनार्डो स्पिनजोला ने कहा, 'हमें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि हम बाहर हो गए. यह सिर्फ हमारे लिए नहीं, उन बच्चों के लिए भी दर्दनाक है, जिन्होंने कभी इटली को वर्ल्ड कप में खेलते नहीं देखा.'

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यह हार इटली के लिए और भी कड़वी इसलिए है क्योंकि इससे पहले वे स्वीडन के खिलाफ भी प्लेऑफ में हारकर बाहर हो चुके हैं. आखिरी बार इटली ने 2006 में FIFA World Cup Final 2006 में फ्रांस को हराकर खिताब जीता था.

कोच जेनारो गट्टूसो (Gennaro Gattuso) के भविष्य पर भी अब सवाल उठने लगे हैं. उन्होंने हार के बाद कहा, 'आज मेरे भविष्य की बात मायने नहीं रखती, हम वर्ल्ड कप में पहुंचना चाहते थे और असफल रहे.'

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दूसरी ओर, बोस्निया अब अपने इतिहास का दूसरा वर्ल्ड कप खेलेगा. 2014 के बाद यह उनका दूसरा मौका होगा, जहां वे ग्रुप स्टेज में कनाडा, कतर और स्विट्ज़रलैंड के साथ भिड़ेंगे.

यूरोपियन प्लेऑफ के अन्य मुकाबलों में स्वीडन और तुर्किये ने भी क्वालिफाई किया, जबकि चेकिया (Czechia- Czech Republic) ने पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज कर लंबे इंतजार के बाद वर्ल्ड कप में वापसी की.

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