जीतू यादव वाट्सअप पर भेजा इस्तीफा मान्य नहीं, भाजपा ने प्राथमिक सदस्यता से किया निष्कासित

इंदौर

इंदौर में भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के घर तोड़फोड़ और उनके बेटे के साथ की गई बदसलूकी को भाजपा संगठन ने गंभीरता से लिया और भाजपा ने इंदौर के भाजपा पार्षद व एमआईसी मेंबर जीतू यादव को छह वर्षों के लिए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।

यादव ने सुबह अपना इस्तीफा भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा को वाट्सअप पर भेजा था, लेकिन उसे मान्य नहीं किया गया। इसके बाद प्रदेश भाजपा की तरफ से उनके निष्कासन के आदेश जारी हुए। इसकी पुष्टि भाजपा के प्रदेश प्रभारी भगवान दास सबनानी ने की है। उन्होंने भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे को पत्र भेजा।

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जिसमें लिखा कि वार्ड 24 के पार्षद जीतू यादव द्वारा पार्टी के ही पार्षद से विवाद और उसके बाद अशोभनीय कृत्य किया गया। इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है। उनका यह कृत्य अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। इस कारण भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा यादव को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित किया जाता है।

चौतरफा दबाव के बाद पार्टी को लेना पड़ा फैसला
दोनो पार्षदों के बीच विवाद पांच दिन से चल रहा था और दोनो के समाज की तरफ से भी प्रदर्शन हो चुके थे, लेकिन सोशल मीडिया पर यादव खेमे की तरफ से कालरा के नाबालिग बेटे को नग्न करने का वीडियो वायरल किया गया। इसे लेकर शहर में भाजपा को लेकर गलत मैसेज गया।

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मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस को फ्री हेंड दिया। हमले की घटना के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद भाजपा पदाधिकारियों पर यादव को पार्टी से बाहर करने का चौतरफा दबाव बढ़ गया। इसकी भनक लगते ही यादव ने शनिवार सुबह खुद इस्तीफा दे दिया, लेकिन भाजपा ने उसे अमान्य करते हुए छह साल के लिए निष्कासित कर दिया।

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पार्षद पद कायम रहेगा
जीतू ने नगर निगम चुनाव जीता है। इसलिए पार्षद पद बरकार रहेगा। यदि जीतू को पार्षद पद से अयोग्य करने की मांग उठती है, तो फिर पार्षदी भी खतरे में पड़ सकती है। अब नगर निगम सम्मेलन में जीतू भाजपा खेमे के साथ नहीं बैठ सकता है।

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