नीमच में लंपी वायरस की दस्तक, अब तक 200 जानवरों की मौत, आसान तरीकों का इस्तेमाल कर किया जा सकता है बचाव

नीमच
 एमपी के नीमच शहर में इस खतरनाक लंपी वायरस का प्रकोप दिखना शुरू हो गया है। अब तक इस वायरस की चपेट में आने से सैकड़ों पशुधन की मौत हो गई है। वहीं इसके केस भी रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

लंपी वायरस को विज्ञान की भाषा में माइरसवायरस कहते हैं। लंपी वायरस एक संक्रामक बीमारी है जो मुख्य रूप से गायों और भैंसों को प्रभावित करती है। यह बीमारी मच्छरों और अन्य कीटों के काटने से फैलती है। हालांकि यह बीमारी इंसानों को नहीं होती है, लेकिन यह पशुधन के लिए काफी हानिकारक हो सकती है।

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अब तक इतने जानवरों ने तोड़ा दम

नीमच में अब तक इस खतरनाक बीमारी से कई जानवर चपेट में आए हैं। लंपी से 200 पशुओं की मौत हो चुकी है। आंकड़े ठीक से बचाव न करने पर और भी भयावह हो सकते हैं। इसलिए नीचे दिए गए तरीकों का इस्तेमाल करने आप अपने पशुधन को इस वायरस से सुरक्षित रख सकते हैं।

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लंपी वायरस से बचाव के उपाय

सबसे प्रभावी उपाय है सावधानी बरतना और अपने पशुओं के आस पास साफ सफाई रखना। साथ ही टीकाकरण करने से आपके पशुओं में बीमारी के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। इसके अलावा मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए अपने पशुओं के रहने की जगह को साफ-सुथरा रखें। रुके हुए पानी को हटाएं और मच्छरों से बचाव के लिए दवाओं का उपयोग करें।

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संक्रमित पशुओं को बाकियों से अलग रखें

यदि आपके किसी पशु में लंपी वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत अन्य पशुओं से अलग कर दें। इसके बाद बिना देरी किए पशु चिकित्सक से संपर्क करें। ताकि समय पर पशु को इलाज मिल सके।

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