आरजी कर अस्पताल में नया मामला, 3 घंटे तक बहा खून, इलाज नहीं मिलने से मौत

  कोलकाता

ट्रेनी-डॉक्टर के रेप-मर्डर के बाद चर्चा में आए कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक बार फिर हंगामा हो गया है. इस बार अस्पताल के डॉक्टरों पर युवक के इलाज में देरी का आरोप लगा है. दरअसल, हुगली जिले के कोन्नगर के 28 साल के युवक बिक्रम भट्टाचाजी को शुक्रवार की दोपहर ट्रक ने कुचल दिया था. इसके बाद उसकी आरजी कर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई.

युवक की मौत के बाद हंगामा शुरू हो गया. मृतक बिक्रम की मां कबिता का आरोप है इमरजेंसी में डॉक्टर मौजूद नहीं थे, जिसके कारण इलाज में देरी हुई और बाद में उसकी मौत हो गई. कबिता के मुताबिक बहुत समय बर्बाद हो गया. उस समय के अंदर उसकी सर्जरी पूरी हो जानी चाहिए थी. लेकिन वहां कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था. यहां तक ​​कि इमरजेंसी डॉक्टर भी नहीं था.

अस्पताल ने दी सफाई

बता दें कि बिक्रम को शुक्रवार की दोपहर करीब 12.40 बजे आरजी कर अस्पताल लाया गया था. हालांकि, आरजी कर के अधिकारियों ने परिवार के दावों का खंडन किया है. उन्होंने दावा किया कि बिक्रम को आरजी कर में लाए जाने के तुरंत बाद ट्रॉमा केयर ले जाया गया. उसके दो अंगों में गंभीर चोट थी. इसके अलावा उन्होंने पाया कि उसके सिर पर भी गंभीर चोट थी. उसे सीटी स्कैन के लिए ले जाया गया. जब सीटी स्कैन की योजना बनाई जा रही थी तो बिक्रम को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और उसकी मौत हो गई.

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अभिषेक बनर्जी का बयान

इस घटना पर अभिषेक बनर्जी ने कहा,'कोन्नगर के एक युवा लड़के ने आज सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवा दी. उसे 3 घंटे तक बिना किसी इलाज के रहना पड़ा और इस दौरान उसका खून बहता रहा. यह आरजी कर की घटना के जवाब में डॉक्टरों के विरोध-प्रदर्शन का नतीजा है.'

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लापरवाही से मौत गलत!

उन्होंने आगे कहा,'जूनियर डॉक्टरों की मांगें उचित और वैध दोनों हैं. मैं उनसे इस तरह से विरोध करने का आग्रह करता हूं, जिससे जरूरी चिकित्सा सेवाएं बाधित न हों. रोक सकने लायक लापरवाही के कारण किसी की मौत होना सदोष हत्या के समान है. अगर विरोध जारी रखना है, तो इसे रचनात्मक तरीके से, सहानुभूति और मानवता के साथ किया जाना चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि निष्क्रियता या उपेक्षा के कारण किसी और की जान जोखिम में न पड़े.'

अभिषेक बनर्जी ने प्रदर्शनकारी डॉक्टर्स की दी सलाह

टीएमसी सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके कहा, 'सड़क दुर्घटना के चलते कोननगर के युवा की जान चली गई। 3 घंट तक उसके शरीर से खून बहता रहा, मगर उसे इलाज नहीं मिला। आरजी कर घटना के विरोध में डॉक्टर्स विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टरों की मांगें उचित भी हैं। मगर, मैं उनसे कुछ इस तरह से विरोध करने की अपील करता हूं जिससे जरूरी चिकित्सा सेवाएं बाधित न हों।'
'…ऐसा करना तो गैर इरादतन हत्या के समान'

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अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर आगे लिखा, 'उपेक्षा के चलते किसी की मौत हो जाना तो गैर इरादतन हत्या के समान है। अगर विरोध जारी रखना है तो इसे सहानुभूति और मानवता के साथ करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि निष्क्रियता के कारण और किसी की जान जोखिम में न पड़े।' मालूम हो कि आरजी कर कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सेमिनार हॉल में बीते महीने 9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। इसके एक दिन बाद ही आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, पूरे मामले की जांच सीबीआई की ओर से की जा रही है। कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को भी अरेस्ट किया जा चुका है।

 

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