पहली फरवरी को हिंदी कवियों के सिरमौर सत्य नारायण सत्तन के नाम केंद्रित जश्न मनाया जाने वाला….

भोपाल

स्वच्छता समेत कई रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाला शहर इंदौर अब सद्भाव की एक नई दास्तां लिखने की ओर अग्रसर है। आने वाली पहली फरवरी को यहां हिंदी कवियों के सिरमौर सत्य नारायण सत्तन (गुरु) के नाम केंद्रित जश्न मनाया जाने वाला है। सुखद पहलू यह है कि कवि सम्मेलनों की शान कहे जाने वाले इस महान कवि को बड़े एजाज से नवाजने का जिम्मा एक उर्दू मंच ने उठाया है। सत्तन गुरु को समर्पित इस जश्न में देश दुनिया के नामवर शायर अपने बेहतरीन कलाम का नजराना पेश करने वाले हैं।

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दुनिया में अपनी खास शैली और मजाहिया अंदाज के कारण पहचाने जाने वाले प्रसिद्ध कवि सत्तन गुरु को समर्पित जश्न ए सत्तन का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक समरसता के लिए काम करने वाली संस्था काफिला मुहब्बत ने इस आयोजन की रूपरेखा बनाई है। कार्यक्रम आयोजक इस प्रोग्राम को शहर की गंगा जमुनी तहजीब की माला की महत्वपूर्ण  कड़ी करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि सत्तन से शहर को दुनियाभर में एक अलग पहचान हासिल है। उनको सम्मान दिया जाना शहर के हर धर्म, मजहब, वर्ग, व्यक्ति और संस्था की जिम्मेदारी है। आयोजक कहते हैं कि गुरु जी को सम्मान दिया जाना इस तरह माना जा रहा है कि शहरवासी खुद ही अपने सिर पर बुजुर्गों की दुआओं का हाथ रखवाने की कोशिश कर रहे हैं।

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इनकी रहेगी मौजूदगी
जश्न ए सत्तन में जहां वरिष्ठतम हिंदी कवि सत्तन गुरु अपनी कविताओं से इंदौर की जनता को आशीर्वाद देंगे। वहीं जावेद अख्तर, शकील आजमी, अबरार काशिफ, महशर आफरीदी, शकील जमाली, नदीम शाद, स्वयं श्रीवास्तव, नदीम फर्रूख, नईम फराज, हिमांशी बाबरा, इब्राहिम अली, मणिका दुबे, अहमद निसार, तज़दीद साकी, इमरान यूसुफजई आदि अपने कलाम का नजराना पेश करेंगे।

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एक बड़ा जश्न हुआ
नए साल की पहली शाम को इंदौर वासियों ने अपने शहर के बड़े नाम मशहूर शायर मरहूम डॉ राहत इंदौरी की 75वीं सालगिरह का जश्न मनाया है। साहित्य, संस्कृति और शायरी के विभिन्न रंगों से सजे इस जश्न ए राहत को शहर ने आधी रात तक अपनी जोशभरी मौजूदगी से सजाया था।

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