संसदीय कार्य मंत्री एवं विधानसभा मुख्य सचेतक ने लूंबा की ढाणी में की जनसुनवाई

जयपुर,

संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री  जोगाराम पटेल एवं राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने सोमवार को जोधपुर जिले की लूम्बा की ढ़ाणी (सायला) में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही कर आमजन को राहत प्रदान करने के निर्देश दिए।

पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर वर्ग के उत्थान एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार द्वारा ‘विकसित राजस्थान /2047‘ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है, जो प्रदेश को विकसित बनाने के लिए रोडमैप का कार्य करेगा।

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प्रदेश का सड़क तंत्र होगा मजबूत
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा अल्प अवधि में प्रदेश के सड़क तंत्र को मजबूती प्रदान करने की दिशा में 9 हजार 600 किमी से अधिक नवीन सड़कों का निर्माण एवं 13 हजार किमी से अधिक सड़कों का उन्नयन किया गया। उन्होंने कहा आगामी वर्ष में सड़क तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए लगभग 7 हजार 690 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

20 लाख घरों में होंगे पेयजल कनेक्शन
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा आगामी वर्ष में 20 लाख घरों में पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे। उन्होंने कहा प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा के लिए 425 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के कार्य करवाए जाएंगे।

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अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
पटेल ने कहा कि बुनियादी लोक सेवाओं की नियमित एवं निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों का सर्वाेपरि दायित्व है, जिसे संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ निर्वहन करना चाहिए ताकि सुशासन के संकल्प को साकार किया जा सके। उन्होंने आमजन की समस्याओं को सुना तथा संबंधित अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए उनके संतोषपूर्ण एवं त्वरित समाधान के लिए व्यापक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

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परिवेदनाओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश- मुख्य सचेतक
मुख्य सचेतक गर्ग ने कहा कि जनता तथा क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण के प्रति अधिकारी गंभीरता बरतें तथा जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए सुशासन से परिपूर्ण राज-काज का आदर्श प्रस्तुत करें। इसके लिए विभागीय स्तर पर जन समस्याओं के निस्तारण के लिए पहल करें ताकि क्षेत्रवासियों की समस्याओं का निराकरण शीघ्रातिशीघ्र हो सके और इसके लिए उन्हें अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

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