पाकिस्तान के लोग बीते कुछ सालों से आर्थिक मंदी और कमर तोड़ देने वाली महंगाई से परेशान, चीन का सबसे बड़ा कर्जदार

इस्लामाबाद
पाकिस्तान के लोग बीते कुछ सालों से आर्थिक मंदी और कमर तोड़ देने वाली महंगाई से परेशान हैं। शहबाज शरीफ की सरकार की हालत खराब है और वह अलग-अलग देशों से मदद मांग चुके हैं। इस बीच एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पाकिस्तान चीन का सबसे बड़ा कर्जदार बन गया है। चीन ने पाकिस्तान को फिलहाल लगभग 29 बिलियन डॉलर का कर्ज दे रखा है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक 24 करोड़ की आबादी वाला पाकिस्तान इस साल अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कर्ज लेने वाले देशों में भी टॉप 3 में शुमार है।

ये भी पढ़ें :  इमरान खान से मिलने को उनकी बहन को मिली अनुमति, जेल के बाहर PTI समर्थकों का प्रदर्शन

मंगलवार को विश्व बैंक ने इंटरनेशनल डेब्ट रिपोर्ट 2024 जारी किया। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा कर्ज चीन से ले रखा है। कुल कर्ज में चीन का हिस्सा 22 प्रतिशत है। हालांकि पिछले साल यह आंकड़ा 25 प्रतिशत था। इसके अलावा पाकिस्तान ने विश्व बैंक से कारण 23 अरब डॉलर का कर्ज ले रखा है जो कुल कर्ज का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं कुल लोन में एशियाई विकास बैंक का हिस्सा 15 प्रतिशत है।

अन्य देशों की बात करे तो सऊदी अरब कुल कर्ज के 7 प्रतिशत यानी लगभग 9.16 अरब डॉलर के साथ पाकिस्तान को कर्ज देने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश रहा। पिछले साल कुल कर्ज में सऊदी अरब का हिस्सा सिर्फ 2 फीसदी था। विश्व बैंक ने बताया कि 2023 में पाकिस्तान का कुल एक्सटर्नल लोन (IMF सहित) 130.85 बिलियन डॉलर था जो इसके कुल निर्यात का 352 प्रतिशत और ग्रॉस नेशनल इनकम (GNI) का 39 प्रतिशत है। पाकिस्तान का कुल कर्ज GNI का 5 प्रतिशत है।

ये भी पढ़ें :  अमेरिका : फ्लोरिडा में Hurricane Milton ने भीषण तबाही मचाई , 20 लाख लोग अपने घरों को छोड़कर हुए शिफ्ट

इससे पहले सितंबर में पाकिस्तान के वित्त राज्य मंत्री अली परवेज मलिक ने नेशनल असेंबली स्टैंडिंग कमेटी की एक बैठक में कहा था कि पाकिस्तान को अगले चार सालों में 100 बिलियन डॉलर के कर्ज को चुकाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यह राशि पाकिस्तान के मौजूदा 9.4 बिलियन डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार से लगभग 10 गुना अधिक है। इस बीच पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को स्वीकार किया है कि आईएमएफ की शर्तों को लागू करने में कई दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि सरकार ने कहा है कि 7 बिलियन डॉलर के पैकेज के लिए इन शर्तों को पूरा करने की पूरी कोशिश की जाएगी।

Share

Leave a Comment